दरगाह में मंदिर मामले में सुनवाई अब 21 फरवरी को
अजमेर, 3 जनवरी(हि.स.)। अजमेर की सिविल अदालत के न्यायाधीश मोहन चंदेल ने दरगाह शरीफ परिसर में संकट मोचन महादेव मंदिर के दावे से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को करना निश्चित किया है। शनिवार को अजमेर की अदालत का वर्क वकीलों के आंदोलनरत रहते सस्पेंड होने के कारण इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।
मामले में वादी हिन्दू सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दावा किया कि इस मामले में वाद के अदालत में चलने का सकारात्मक संदेश यह मिला कि इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से दरगाह में ख्वाजा गरीब नवाज के 814 वें सालाना उर्स में कोई चादर पेश नहीं हुई। ऐसा इस लिए हुआ क्यों कि हिन्दू सेना राष्ट्रीय ने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा था और संदेश भेजा था। उन्होंने कहा कि जो चादर पेश हुई वह अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से पेश हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उर्स में कोई संदेश भी नहीं पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि आज अदालत में 7/11 पर सुनवाई होनी थी जो कि वकीलों के वर्क सस्पेंड होने के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि 7/11 पर दूसरे पक्ष की जो अर्जी लगी है वह खारिज होनी चाहिए, हमें न्याय मिलना चाहिए।
पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी शनिवार को अदालत में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि आज अदालत का वर्क सस्पेंड होने के कारण ज्यादा बात नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस मामले में न्याय होगा। सत्य की जीत होगी।
हाई कोर्ट जयपुर के वकील संदीप कुमार ने कहा कि इस मामले में शिव मंदिर बनाम दरगाह कमेटी के संबंध में जो अर्जी लगाई हुई थी उसमें एक अर्जी दरगाह में प्रधानमंत्री की ओर से उर्स में चादर चढ़ाए जाने पर रोक को लेकर थी। चूंकि इस मामले में समय गुजर चुका है। ख्वााजा का उर्स सम्पन्न हो गया है। चादर के मामले में जो भी हुआ। चादर पेश हुई? उस पर तो हमकों कुछ कहना नहीं है किन्तु इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी अर्जी लगी हुई है, हमने न्यायालय को बताया कि एक साथ दो जगह अर्जी लगी हुई है, लिहाजा न्यायालय ने शिथिलता बरतते हुए अर्जी विड्रोल करने को कहा है। फिर जब जरूरत होगी तो अर्जी लगा सकेंगे, जब तक सुप्रीम कोर्ट उसका निस्तारण नहीं कर लेता। उन्होंने बताया न्यायालय ने अगली तारीफ 21 फरवरी 2026 को 7/11 पर सुनवाई का समय दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

