राजस्थान के चार शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण,वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल, दृश्य स्वच्छता और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
जयपुर, 06 जून (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत राजस्थान के चार शहरों- जयपुर, उदयपुर, अलवर एवं नाथद्वारा- द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारियों एवं स्वच्छता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निकायों को स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुखी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के निर्देश दिए।
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में चारों शहरों द्वारा स्वच्छता प्रबंधन, कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रसंस्करण, जनजागरूकता तथा नवाचार आधारित पहलों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक पहल का डेटा आधारित विश्लेषण किया जाए तथा प्रस्तुतिकरण में कार्यों से प्राप्त परिणाम, लाभार्थियों की संख्या, शामिल मानव संसाधन और संरचित लाभ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने उपलब्धियों को प्रभावी इन्फोग्राफिक्स के माध्यम से प्रस्तुत करने पर भी बल दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा अत्यंत प्रभावी एवं भविष्य उन्मुख मॉडल है। नगर निकायों को अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, संसाधन पुनर्प्राप्ति तथा कचरे से आय सृजन के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करना चाहिए। उन्होंने सफल मॉडलों एवं नवाचारों को अन्य शहरों में भी अपनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था, स्पष्ट रूप से निर्धारित कलेक्शन रूट्स, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा शहरों में दृश्य स्वच्छता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रयास नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने चाहिए तथा कचरा संवेदनशील स्थलों को समाप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने स्वच्छता व्यवस्था में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए स्वचालित दंड प्रणाली जैसे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने पर्यटन स्थलों एवं प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्रों में यांत्रिक सफाई को बढ़ावा देने तथा जनजागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में नाथद्वारा जिले द्वारा विकसित वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल, कचरा मुक्त क्षेत्रों के विकास तथा जनजागरूकता आधारित पहलों की मुख्य सचिव ने सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इन्हें व्यापक स्तर पर अपनाया जाना चाहिए।
बैठक में शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, जयपुर नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा सहित स्वायत्त शासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, संबंधित नगर निकायों के आयुक्त एवं अधिकारी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में मौजूद रहे।
———————
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

