राजस्थान में बढ़ेगा कच्चे तेल का उत्पादन, अब 80 हजार बैरल प्रतिदिन का लक्ष्य
जयपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अब नवीनतम तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से राज्य में कच्चे तेल का उत्पादन 80 हजार बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रदेश में करीब 51-52 हजार बैरल कच्चे तेल का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है।
सचिवालय में सोमवार को पेट्रोलियम एवं सीजीडी सेक्टर की प्रगति समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि बाड़मेर-सांचोर और जैसलमेर बेसिन में अल्कली सर्फेक्टेंट पॉलीमर (एएसपी) तकनीक, जबकि बीकानेर-नागौर बेसिन में साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (सीएसएस) तकनीक के जरिए तेल उत्पादन बढ़ाया जाएगा।
अरोड़ा ने बताया कि राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र में 12 पेट्रोलियम लीज और 12 पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस जारी किए गए हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 2.6 से 2.8 एमएमएससीएम प्राकृतिक गैस का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनशोर प्राकृतिक गैस उत्पादन में राजस्थान देश में दूसरे और कच्चे तेल उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। राज्य में उत्पादित कच्चे तेल का राजस्थान रिफाइनरी में ही अधिक से अधिक परिशोधन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सीजीडी सेक्टर की भी समीक्षा हुई। इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 60 सीएनजी स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके मुकाबले अब तक 23 नए स्टेशन चालू हो चुके हैं। अधिकारियों को दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सभी 60 स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए गए। बहुमंजलीय इमारतों में डीपीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर भी विशेष फोकस करने को कहा गया।
निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह ने बताया कि केयर्न वेदांता, ऑयल इंडिया, ओएनजीसी और फोकस एनर्जी सहित विभिन्न संस्थाएं राज्य में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दोहन में कार्यरत हैं। वहीं आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने सीजीडी संस्थाओं की प्रगति की जानकारी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

