टेंडर में देरी से जन्म-मृत्यु पंजीयन में परेशानी, आवेदकों की लग रही लंबी कतार, 500 से ज्यादा आवेदन लंबित
चित्तौड़गढ़, 06 मई (हि.स.)। विवाह हो या जन्म-मृत्यु का पंजीयन अब सरकारी दस्तावेजों में अनिवार्यता हो गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग जिला मुख्यालय पर नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में स्थित जन्म-मृत्यु पंजीयन केन्द्र पर आवेदन करते है। लेकिन यहां कार्य करने वाले ठेका कर्मियों का टेंडर नहीं होने से आवेदकों को परेशानी हाे रही है और कई बार आवेदन केन्द्र पर लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिल रही है। जन्म-मृत्यु पंजीयन के साथ-साथ नगर परिषद के दूसरे कार्यालयों में भी कम्प्यूटर कर्मी नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार मार्च माह में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जानी थी, जिससे जन्म-मृत्यु पंजीयन केन्द्र पर कम्प्यूटर पर काम करने वाले व्यक्तियों की आपूर्ति हो सके। लेकिन ठेका खत्म होने के बावजूद टेंडर नहीं हो पाए और आवेदकों की कतारें देखने को मिली है। जानकारी है कि 10 से अधिक कम्प्यूटरकर्मियों का टेंडर किया जाना था। इसमें से 2 कार्मिक जन्म-मृत्यु पंजीयन केन्द्र पर तैनात किये जाने थे, लेकिन कतिपय कारणों से टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई है। ऐसे में चित्तौड़गढ़ शहर एवं जिले के अलावा भी बाहर से भी लोग जिला चिकित्सालय में होने वाले प्रसव पर जन्म प्रमाण पत्र के लिए आते हैं। इसके अलावा विवाह पंजीयन और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आ रहे हैं।
हर दिन 70 के करीब आवेदन
चित्तौड़गढ़ के नगर परिषद में स्थित जन्म-मृत्यु पंजीयन केन्द्र पर औसतन 60 से 80 आवेदन प्राप्त होते है। इन्हें जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन कराना होता है। हालांकि नगर परिषद द्वारा टेंडर नहीं होने के बावजूद दूसरे कार्मिकों को लगा कर काम करवाया जा रहा है लेकिन टेंडर के अभाव में 500 से अधिक आवेदन लम्बित है। इससे कई आवेदकों को इंतजार करना पड़ रहा है। इधर, नगर परिषद ने व्यवस्था की दृष्टि से कुछ नरेगा कार्मिकों को फॉर्म भरने और आवेदकों की सुविधा के लिए तैनात किया है लेकिन ऑनलाइन एंट्री नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है। यहां बड़ी संख्या में एंट्री नहीं हो पाई है, जिनकी पेंडेंसी बढ़ गई है।
वर्जन.....
जन्म-मृत्यु पंजीयन केन्द्र पर कार्मिकों के टेंडर शीघ्र कराए जा रहे है। निविदाएं निकाल दी गई है और कुछ ही दिनों में कार्मिक तैनात कर दिए जाएंगे। व्यवस्थाओं को सुचारू करने के लिए शाखा प्रभारी बदल दिए गए है। 2-4 दिनों में व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएगी। आवेदकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए है।
कृष्णगोपाल माली, आयुक्त, नगर परिषद, चित्तौड़गढ़
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

