सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले में उमड़ा जनसैलाब: रिकॉर्ड बिक्री और सांस्कृतिक रंग में रंगा
जयपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 का समापन रविवार को होने जा रहा है। समापन से एक दिन पूर्व शनिवार को मेले में अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग इस अनूठे मेले के अंतिम पलों का आनंद लेने पहुंचे, जिससे पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आज मेले में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री दर्ज की गई, जो मेले की लोकप्रियता और लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
मेले में जयपुर के प्रतिष्ठित आईआईएस कॉलेज एवं सुबोध कॉलेज के छात्र-छात्राओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने मेले का भ्रमण किया। जहां उन्होंने न केवल हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीदारी की बल्कि लाइव डेमो के माध्यम से पारंपरिक कलाओं की बारीकियां भी समझीं। युवाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला और कई युवा सोशल मीडिया के लिए रील्स और कंटेंट बनाते नजर आए, जिससे मेले की पहुंच डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक रूप से बनी रही।
मेले की सांस्कृतिक संध्या ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। राजस्थानी लोक नृत्य और कत्थक फ्यूजन की मनमोहक प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे और तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। परंपरा और आधुनिकता के इस संगम ने मेले की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त किया।
रविवार को मेले का भव्य समापन दिवस आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की जाएगी एवं पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित होगा। इसे लेकर प्रतिभागियों और दर्शकों में खासा रोमांच देखने को मिल रहा है। समापन दिवस की सांस्कृतिक संध्या में फिल्म धुरंधर के मशहूर गीत “न तो कारवां की तलाश है ” से लोकप्रिय हुए शहज़ाद अली अपनी परफॉरमेंस देंगे। उनके कार्यक्रम को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह है और बड़ी संख्या में दर्शकों के मेले में पहुंचने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

