जयपुर में गौ-भक्तों की हुंकार: 'गाय को मिले राष्ट्र माता का दर्जा, गोहत्या पर लगे पूर्ण प्रतिबंध'

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जयपुर में गौ-भक्तों की हुंकार: 'गाय को मिले राष्ट्र माता का दर्जा, गोहत्या पर लगे पूर्ण प्रतिबंध'


जयपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। देश में गोहत्या पर पूर्ण पाबंदी और गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जयपुर में गौ-सेवकों और संतों की हुंकार गूंजी। 'देशव्यापी गौ-सम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण के तहत सोमवार को मानसरोवर स्थित वी.टी. रोड मैदान में विशाल महासम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं, संतों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के अंत में एडीएम युगांतर शर्मा धरना स्थल पहुंचे, जिन्हें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के साथ 5 लाख 11 हजार आम नागरिकों के हस्ताक्षरों के चार अलग-अलग सेट भी संलग्न कर जिला प्रशासन को सौंपे गए।

अभियान के प्रतिनिधि ताराचंद कोठारी ने बताया कि मंच पर मंचस्थ गौऋषि प्रकाशदास महाराज, त्रिवेणी पीठाधीश्वर रामरिछपाल दास महाराज, पंचखंड पीठाधीश्वर सोमेंद्र महाराज, महंत हरिशंकरदास वेदांती, हीरापुरी महाराज, अमिताचार्य महाराज और संत अमरनाथ सहित कई पूज्य संतों ने सभा को संबोधित किया।

संतों ने स्पष्ट किया कि गौ-संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की संस्कृति, भारतीय जीवन मूल्यों, पर्यावरण, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। संतों ने केंद्र सरकार से अविलंब गाय को राष्ट्र आराध्या का दर्जा देने की मांग की।

महासम्मेलन में चंद्रप्रकाश भाडेवाला, पवन महाराज, प्रवीण महाराज, अनीता शर्मा, भानु गौतम और पंकज शर्मा सहित उपस्थित गौ-सेवकों ने संयुक्त रूप से ऐलान किया कि जब तक सरकार इन मांगों को स्वीकार नहीं करती, यह जनजागरण अभियान थमेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो संत समाज और गौ-भक्त दिल्ली कूच करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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