गो संरक्षण और संवर्धन एवं सम्मान को लेकर प्रदेश भर में मनाया  गो दिवस

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गो संरक्षण और संवर्धन एवं सम्मान को लेकर प्रदेश भर में मनाया  गो दिवस


गो संरक्षण और संवर्धन एवं सम्मान को लेकर प्रदेश भर में मनाया  गो दिवस


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। गो संरक्षण, संवर्धन एवं सम्मान को लेकर सोमवार को देशभर में गो दिवस मनाया गया। देशभर में एक साथ 5410 तहसीलों में तहसीलदार एवं एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे गए। वहीं, मोबाइल फोन से मिस कॉल देकर भी अभियान में भागीदारी की गई। जयपुर जिले की सभी तहसीलों में अलग-अलग स्थानों पर कड़ी धूप के बावजूद हजारों लोग अभियान में शामिल हुए। दस-दस किलो के चार बंडल में दस लाख लोगों के हस्ताक्षर है। हस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र का एक-एक बंडल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम और तहसीलदार को सौंपा गया।

जयपुर महानगर का मुख्य आयोजन अंबावाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में हुआ। इससे पूर्व सीकर रोड स्थित सियारामदास जी की बगीची से गोमाता पूजन के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई। गो ऋषि संत प्रकाशदास महाराज, महामंडलेश्वर रामसेवक दास महाराज, महंत हरिशंकरदास वेदांती, संत रामरतन दास महाराज, गो भक्त ताराचंद कोठारी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन संवर्धन परिषद के चेयरमैन राहुल द्विवेदी, नरेन्द्र पुरोहित सहित अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी और संतों के सान्निध्य में निकली यात्रा में युवाओं, महिलाओं और गौसेवकों की बड़ी भागीदारी रही। लोग हाथों में ध्वज और तख्तियां लेकर गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दो... गो हत्या बंद हो....गोमाता के सम्मान में हम सब मैदान में...जैसे जयघोष लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा अंबावाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर पहुंचकर सभा में बदल गई। यहां भजन-कीर्तन और संतों के उद्बोधन हुए। मोहिनी एकादशी के उपवास के चलते कई संत-महंत और श्रद्धालु बिना अन्न-जल ग्रहण किए अपने शिष्यों सहित कार्यक्रम में उपस्थित रहे। संतों के प्रतिनिधिमंडल ने उप खंड अधिकारी राजेश जाखड़ को प्रार्थना पत्र सौंपा। गोसेवक ताराचंद कोठारी ने संतों, प्रशासन, सहभागियों और मीडिया का आभार व्यक्त किया।

वहीं भीड़ प्रबंधन को लेकर गो सेवी संगठनों साधु-संतों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए जिला कलेक्ट्रेट परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में दबाव न बने, इसके लिए प्रशासन के आग्रह पर आयोजन स्थल कलेक्ट्रेट के बजाय आदर्श विद्या मंदिर रखा गया। संबंधित अधिकारी स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचे और प्रार्थना पत्र स्वीकार किया। आपसी सूझबूझ और समझदारी के चलते सप्ताह के पहले दिन कलेक्ट्रेट क्षेत्र यातायात जाम से मुक्त रहा। सांगानेर के सांगानेर स्टेडियम में संत प्रकाशदास महाराज, संत अमरनाथ महाराज के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ। श्रद्धालुओं ने गोमाता के जयकारों से स्टेडियम को गूंजायमान कर दिया। इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा, झांकियों और शोभायात्राओं के साथ पहुंचे। “गौ माता की जय” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहा। प्रार्थना पत्र में 39 सूत्रीय मांगों के तहत गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने, गौ हत्या पर कठोर केंद्रीय कानून, देशभर में समान गौ संरक्षण नीति, प्रत्येक जिले में आधुनिक गौशालाओं की स्थापना तथा गौ आधारित खेती व ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की गई।

संत प्रकाश दास महाराज ने गौ माता को भारतीय संस्कृति का आधार बताते हुए इसे आस्था का विषय बताया, वहीं डॉ. अतुल गुप्ता ने गौ आधारित अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताया। इस अभियान को सफल बनाने में अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें संजय पथरिया और भानु प्रसाद गौतम का विशेष योगदान रहा। आमेर में श्री सीताराम जी मंदिर से तहसील कार्यालय तक गाजेबाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। कालवाड़ में राम कुटिया से शोभायात्रा निकाली गई। जो विभिन्न मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। यहां संत समाज ने तहसीलदार को प्रार्थना पत्र सौंपा। यहां निकाली गई शोभायात्राओं में गाय-बछड़े भी नजर आए। लोग बैलगाडिय़ों में बैठकर तहसील कार्यालय पहुंचे। नुक्कड़ सभाओं के बाद अधिकारियों को प्रार्थना सौंपे गए।

प्रार्थना पत्र में गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने, देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु सख्त कानून बनाने, सभी राज्यों में गो अभयारण्य स्थापित करने तथा निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। स्टेच्यू सर्किल पर शाम को 5411 गोमय निर्मित घी के दीपक जलाए गए। दीपों की रोशनी से सारा परिसर आलोकित हुआ। उपस्थित गो प्रेमियों ने गो संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

गोभक्त ताराचंद कोठारी ने कहा कि हमें आशा है सरकार गोसेवकों की मांग सुनेगी। दस जुलाई 2026 तक केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से आशानुकूल उत्तर और परिणाम प्राप्त हो जाता है तो 27 जुलाई को देश के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार को धन्यवाद पत्र देंगे। किसी कारणवश तय तिथि तक सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है तो 27 जुलाई को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर जाकर जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक बार फिर गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान के निमित्त प्रार्थना पत्र देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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