ट्रेलर की टक्कर से 28 वर्षीय युवक की मौत के मामले में कोर्ट ने दिया मुआवजा देने का आदेश

WhatsApp Channel Join Now
ट्रेलर की टक्कर से 28 वर्षीय युवक की मौत के मामले में कोर्ट ने दिया मुआवजा देने का आदेश


बीकानेर, 04 जून (हि.स.)। ट्रेलर की टक्कर से 28 वर्षीय युवक की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, न्यायाधीश अनवर अहमद चौहान ने फैसला सुनाते हुुए हादसे में जान गंवाने वाले 28 वर्षीय रामस्वरूप के परिजनों को राहत देते हुए 20,48,560 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दुर्घटना के लिए ट्रेलर चालक की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए वाहन मालिक और चालक को संयुक्त रूप से भुगतान के लिए उत्तरदायी ठहराया।मामले के अनुसार 17 मार्च 2022 की रात रामस्वरूप कार में सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जामसर क्षेत्र के पास एक ट्रेलर ने कथित रूप से तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में रामस्वरूप गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी पूजा देवी सहित परिवार के सदस्यों ने मुआवजे के लिए दावा याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चार्जशीट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि दुर्घटना ट्रेलर चालक की लापरवाही से हुई थी। अधिकरण ने मृतक की आय, उम्र और आश्रितों की संख्या को ध्यान में रखते हुए 18.18 लाख रुपये आय हानि, 1.93 लाख रुपये कंसोर्टियम तथा अंतिम संस्कार व संपत्ति क्षति के मद में अलग-अलग राशि जोड़कर कुल 20.48 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।इसके साथ ही कोर्ट ने मुआवजा राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तारीख 13 सितंबर 2022 से भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया है।मृतक के परिवार की ओर से पैरवी अधिवक्ता सुरेन्द्रपाल शर्मा ने की।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, न्यायाधीश अनवर अहमद चौहान ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को 77.06 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा नहीं था,इसलिए पूरी मुआवजा राशि ट्रक मालिक और चालक को स्वयं चुकानी होगी। मामले के अनुसार 17 मार्च 2022 की रात करीब 10:30 बजे कन्हैयालाल कार से अपने गांव लौट रहे थे। जामसर क्षेत्र के पास सामने से आ रहे ट्रक-ट्रेलर ने कथित रूप से तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कन्हैयालाल की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी शोभा देवी और अन्य आश्रितों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजे के लिए याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, एफआईआर, चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। अधिकरण ने पाया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी। सुनवाई में यह तथ्य भी सामने आया कि दुर्घटना के समय संबंधित ट्रक-ट्रेलर का कोई वैध बीमा नहीं था। इसी कारण अधिकरण ने बीमा कंपनी को मामले से अलग कर दिया और मुआवजा राशि की जिम्मेदारी सीधे ट्रक मालिक और चालक पर डाल दी।रिकॉर्ड के अनुसार कन्हैयालाल राजस्थान सरकार के आयुर्वेद विभाग में परिचारक (अटेंडेंट) के पद पर कार्यरत थे। उनकी मासिक आय करीब 34,613 रुपये थी। अधिकरण ने उनकी आय, उम्र, भविष्य की आय संभावनाओं और परिवार के आश्रित सदस्यों को ध्यान में रखते हुए कुल 77,06,380 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।अधिकरण ने आदेश दिया कि यह राशि 25 अगस्त 2022 से भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया कि बीमा नहीं होने के कारण मुआवजा राशि की वसूली सीधे ट्रक मालिक और चालक से की जाएगी। मृतक के परिवार की ओर से पैरवी अधिवक्ता ओम बिश्नोई ने की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

Share this story