आयुर्वेद विश्वविद्यालय में नाड़ी परीक्षण सर्टिफिकेट कोर्स 23 जुलाई से

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आयुर्वेद विश्वविद्यालय में नाड़ी परीक्षण सर्टिफिकेट कोर्स 23 जुलाई से


जोधपुर, 22 जून (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविन्द सहाय शुक्ल के द्वारा स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण सर्टिफिकेट कोर्स के ब्रोशर का विमोचन किया गया।

स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद द्वारा आयोजित यह सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण सर्टिफिकेट कोर्स 23 जुलाई से 22 अगस्त तक संचालित किया जाएगा। कोर्स हेतु ऑनलाइन पंजीकरण एक जुलाई से बीस जुलाई तक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।

ब्रोशर विमोचन के दौरान राजस्थान विज्ञान परिषद के डॉ. जीएस अवस्थी, कार्यवाहक प्राचार्य एवं आयुर्वेद संकाय अधिष्ठाता प्रो. महेन्द्र कुमार शर्मा, उप-प्राचार्य एवं चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. ए. नीलिमा रेड्डी, बीएससी नर्सिंग प्राचार्य प्रो. राजाराम अग्रवाल, डीन रिसर्च प्रो. देवेन्द्र चाहर, उप कुलसचिव डॉ. मनोज अदलखा, होम्योपैथिक प्राचार्य डॉ गौरव नागर, योग नेचुरोपैथी प्राचार्य डॉ चंद्रभान शर्मा, कोर्स कोऑर्डिनेटर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूजा पारीक, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. मनीष यादव सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कोर्स नोडल अधिकारी प्रोफेसर दिनेश चंद शर्मा ने बताया कि नाड़ी परीक्षण आयुर्वेद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पारंपरिक रोग-निदान पद्धति है, जिसके माध्यम से शरीर में विद्यमान दोषों की स्थिति का आकलन कर उपचार की दिशा निर्धारित की जाती है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 प्रतिभागियों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रारंभिक तीन सप्ताह ऑनलाइन सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके पश्चात विश्वविद्यालय परिसर में सात दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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