मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता को जोनवाइज करने पर विचार, 15 दिन में बनेगी उच्च स्तरीय समिति
जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में दो मेडिकल यूनिवर्सिटी के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता की गई है। इनमें राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस), जयपुर और मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय (एमएमयू), जोधपुर से विभिन्न जिलों के मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
मंत्री शून्यकाल में सदस्य श्रीचंद कृपलानी के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। मेवाड़ क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों को जयपुर स्थित आरयूएचएस से जोधपुर के एमएमयू में स्थानांतरित करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से प्रदेश के कई जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। मेडिकल कॉलेजों की बढ़ती संख्या और प्रशासनिक कार्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र और जनसंख्या के आधार पर जोधपुर में मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
उन्होंने बताया कि एमएमयू जोधपुर के पहले बैच में करीब 3,500 विद्यार्थी नामांकित हैं। अब राज्य सरकार संभाग के बजाय जोनवाइज आधार पर मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता पर विचार कर रही है, जिससे प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों का संचालन अधिक सुगमता से हो सके। विद्यार्थियों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।
खींवसर ने बताया कि इस विषय की विस्तृत जांच और परीक्षण के लिए 15 दिन के भीतर एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति के सुझावों के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जो विद्यार्थी जिस यूनिवर्सिटी से नामांकित हैं, उन्हें उसी यूनिवर्सिटी से डिग्री प्रदान की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय करीब 100 बीघा भूमि पर विकसित किया जा रहा है, जिसके निर्माण और विकास पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब तक करीब 50 करोड़ रुपये के कार्य कराए जा चुके हैं और शेष कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

