दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर था झुंझुनू का ठग

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर था झुंझुनू का ठग


झुंझुनू, 13 अगस्त (हि.स.)। झुंझुनू पुलिस 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जिस आरोपित रामचंद्र को तलाश रही थी उसे खुद पीड़ित ने सोशल मीडिया पर ढूंढ निकाला। झुंझुनू के साजिद दीवान ने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की पोस्ट देखी। प्रदर्शन में मौजूद लोगों के बीच एक चेहरा देखकर साजिद ने उसे पहचान लिया। यह वही रामचंद्र था जिस पर साजिद ने रेंजरोवर डिफेंडर 130 गाड़ी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये लेने और बाद में न कार देने न रकम लौटाने का आरोप लगाया था।

साजिद ने तुरंत झुंझुनू कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की टीम दिल्ली रवाना हुई। करीब दो दिन रामचंद्र की गतिविधियों पर नजर रखी। रामचंद्र लगातार मंच, आयोजकों और भीड़ के बीच रहा। वह अभिजीत दीपके और अन्य प्रमुख लोगों के आसपास भी दिखाई दिया। भीड़ होने के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर कार्रवाई नहीं की और आरोपित गिरफ्तारी से बच गया। यही नहीं जब अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई थी उस वक्त भी रामचंद्र मौके पर मौजूद था।

साजिद ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए रामचंद्र से पहचान हुई। साजिद ने रामचंद्र के जरिए फॉर्च्यूनर खरीदी थी। रामचंद्र अपनी कंपनी के नाम से ग्रेटर नोएडा में पुराने और नए वाहनों की खरीद-फरोख्त करता है। साजिद ने दूसरी बार भी उस पर विश्वास किया। इस बार करीब 1.67 करोड़ रुपये की रेंजरोवर डिफेंडर -130 गाड़ी खरीदने का सौदा हुआ। 2 मार्च 2024 को उसने रामचंद्र से संपर्क किया। रामचंद्र ने गाड़ी की कीमत 1 करोड़ 67 लाख 37 हजार 089 रुपए बताई। वाहन बुक कराने के लिए साजिद ने रामचंद्र की कंपनी के बैंक खाते में दो बार रकम भेजी। 6 मार्च 2024 को 7 लाख और 8 मार्च 2024 को 10 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए जमा किए गए। रिपोर्ट में दोनों ट्रांजैक्शन के यूटीआरनंबर और संबंधित बैंक खाते का विवरण भी दर्ज है। इसके बाद रामचन्द्र ने छह महिने बाद गाड़ी उपलब्ध कराने का वादा किया। छह महीने बाद जब साजिद ने वाहन की डिलीवरी के लिए संपर्क किया तो रामचंद्र टालमटोल करने लगा। साजिद ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह अपनी रकम वापस मांगने रामचंद्र के पास गया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी।

कोतवाली थाना झुंझुनू में 14 फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी लेकिन आरोपित गिरफ्त से बाहर था। इसी दौरान साजिद को सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो और पोस्ट दिखाई दिया। प्रदर्शन में भीड़ के बीच रामचंद्र नजर आया। साजिद ने पुलिस को बताया। पुलिस टीम दिल्ली पहुंची। 2 दिन जंतर-मंतर पर आरोपित की गतिविधियों पर नजर रखी। सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर जब स्याही फेंकी गई उस वक्त रामचंद्र भी मौके पर मौजूद था। पुलिस के मुताबिक वह अभिजीत दीपके और प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों के आसपास ही लगातार नजर आया। अभिजीत दीपके व अन्य लोगों के बीच लगातार मौजूद रहने और मौके पर भीड़ होने के कारण पुलिस उसे अलग कर हिरासत में नहीं ले सकी।

झुंझुनू कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि इस मामले में हमारे पास साल 2025 की शिकायत दर्ज है। मामले की पूरी जांच की जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान आरोपित की तलाश के लिए हमारी टीम भी दिल्ली गई थी। लेकिन उस समय उसे पकड़ा नहीं जा सका। मामले में जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश

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