नगर निगम अजमेर आयुक्त की तानाशाही पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा

WhatsApp Channel Join Now
नगर निगम अजमेर आयुक्त की तानाशाही पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा


अजमेर, 4 नवम्बर(हि.सं.)। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस लीगल टीम के हेड पूर्व लोक अभियोजक अधिवक्ता विवेक पाराशर की ओर से नगर निगम अजमेर के आयुक्त गौरव बुढानिया को राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अंतर्गत एक विधिक नोटिस प्रेषित किया गया है।

अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में विवेक पराशर लगभग 50 वकीलों की टीम के साथ नगर निगम पहुंचे कांग्रेस जनों ने आयुक्त के समक्ष बैठकर नियम-कानून के प्रावधानों को विस्तार से पढ़कर सुनाया तथा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के विभिन्न महत्वपूर्ण न्यायिक सिद्धांतों एवं आदेशों की प्रतियां भी उन्हें सौंपी।

प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस टीम ने स्पष्ट रूप से अनुरोध किया कि एक लोक सेवक के रूप में कार्य करना और विधि की अक्षरसः पालना सुनिश्चित करना उनका प्राथमिक लोक कर्तव्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताई या तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस के तथ्यों का हवाला देते हुए अवगत कराया गया कि नगर निगम के 40 निर्वाचित पार्षदों द्वारा 07 अक्टूबर 2026 को दशहरा महोत्सव की बैठक के दौरान भाजपा पार्षद सतीश बंसल द्वारा किए गए अभद्र कथनों व शब्दों पर चर्चा करने तथा अन्य सदस्यों का सम्मान कायम रखते हुए आगामी आयोजनों को बेहतर बनाने के लिए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 51(2) के तहत गत 09 अक्टूबर 2026 को महापौर को विशेष बैठक बुलाने का प्रतिवेदन एजेण्डे के साथ प्रेषित किया गया था। समयानुसार बैठक नहीं बुलाए जाने पर धारा 51(3) के तहत 16 अक्टूबर 2026 को आयुक्त गौरव बुढानिया को पुनः स्मरण पत्र व प्रतिवेदन प्रेषित किया गया था। इसके बावजूद आयुक्त द्वारा 10 दिन के भीतर विशेष बैठक आहुत करने के अपने वैधानिक दायित्व की पालना नहीं की गई, जो कि स्पष्ट रूप से विधिक प्रावधानों की अवज्ञा एवं गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।

इस अवसर पर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व लीगल टीम हेड पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर, मन्जूर अली, राजेश ईनाणी, बृजेश पाण्डे, अधिवक्ता वैभव जैन, अशोक रावत, प्रदीप यादव, प्रशांत नारायण शर्मा, जितेंद्र शर्मा, आशीष राजोरिया एडवोकेट, अभय वर्मा, रोहन पाराशर, फुरकान मोहम्मद शेख, वंशिका सरीन, मनीष कुमार, नावेद, आरती जोड़, मधु नायक, श्वेता कैन, रुबीना, मानसिंह रावत एवं अनीता रावत सहित समस्त लीगल टीम उपस्थित रही। डॉक्टर राजकुमार जयपाल व विवेक पाराशर की लीगल टीम ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है, देश और शहर में केवल कानून का राज चलेगा और किसी की भी तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी। कांग्रेस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित 7 दिवस के भीतर विशेष बैठक आहुत करने का आदेश जारी नहीं किया गया, तो इस विधिक अवहेलना के खिलाफ अदालत में कड़ी कानूनी जंग पूरी सख्ती के साथ जारी रखी जाएगी और तमाम हर्जे-खर्चे की जिम्मेदारी आयुक्त महोदय की होगी।

प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने बताया कि इससे पूर्व कांग्रेस कार्यालय में सभी पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक डॉ राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में की गई ।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

772373 Articles

Share this story