नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदेशभर में प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

WhatsApp Channel Join Now
नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदेशभर में प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग


नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदेशभर में प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग


नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदेशभर में प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग


जयपुर, 13 मई (हि.स.)। नीट—यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग उठाई। कई स्थानों पर केंद्रीय मंत्री के पुतले भी जलाए गए।

राजधानी जयपुर में शाम 6 बजे चांदपोल सर्किल पर जयपुर शहर कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने किया। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की भूमिका संदिग्ध है। प्रदर्शन के दौरान सुनील शर्मा ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर माफियाओं को संरक्षण दे रही है और राजस्थान की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। जयपुर शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष मंजूलता मीणा ने कहा कि पेपर माफियाओं को भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त है और जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक के कार्यकर्ताओं के नाम भी मामले में सामने आए हैं।

इधर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि नीट देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है और लगातार तीसरे वर्ष पेपर लीक की घटनाओं ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी ऐसी संस्था को दे रखी है, जिसकी पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में रही है।

डोटासरा ने कहा कि नीट-2026 पेपर लीक से 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पेपर लीक मामलों पर लीपापोती कर रही है और यदि पिछली परीक्षाओं में निष्पक्ष जांच होती तो इस बार इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने पूरे मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि राजस्थान में पेपर लीक की जानकारी मिलने के बावजूद तत्काल एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि सरकार राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए मामले को दबाने का प्रयास करती रही।

प्रदेश कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और ब्लॉक स्तर तक विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Share this story