नीट पेपर लीक के विरोध में जयपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की
जयपुर, 21 मई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को राजधानी जयपुर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बीजेपी मुख्यालय का घेराव करने निकले, लेकिन शहीद स्मारक के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। वाटर कैनन की बौछार के बीच कार्यकर्ताओं ने गोविंद सिंह डोटासरा को कंधों पर बैठा लिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी प्रदर्शन में मौजूद रहे। शहीद स्मारक पर संबोधित करते हुए डोटासरा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से नीट परीक्षा में पेपर लीक हो रहे हैं और अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर लोगों का भरोसा खत्म हो गया है। उन्होंने एनटीए को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि 22 लाख विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डोटासरा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि हम सिर्फ इस्तीफा मांग रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान नीट चोर है, उसका इस्तीफा होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान लाडनूं विधायक मुकेश भाकर और पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को पुलिस ने धक्का देकर पीछे हटाया। विधायक मनीष यादव बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतार दिया।
वहीं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पुलिस कमिश्नरेट के सामने धरने पर बैठ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। उन्होंने डफली बजाकर और गीत गाकर विरोध दर्ज कराया। कुछ युवा मेडिकल स्टूडेंट्स के गेटअप में भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में।
कांग्रेस के बीजेपी मुख्यालय कूच को देखते हुए शहीद स्मारक और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। हालांकि बड़े नेता कुछ देर बाद लौट गए, लेकिन कार्यकर्ता देर तक शहीद स्मारक पर डटे रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

