मातृ शक्ति मानसून फेस्ट पर कांग्रेस ने दर्शाया विरोध

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मातृ शक्ति मानसून फेस्ट पर कांग्रेस ने दर्शाया विरोध


मातृ शक्ति मानसून फेस्ट पर कांग्रेस ने दर्शाया विरोध


अजमेर, 21 अगस्त(हि.स.)। सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग तथा अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों एवं महिला नेताओं ने अजमेर दक्षिण की भाजपा विधायक अनिता भदेल द्वारा 23 अगस्त को अजमेर में प्रस्तावित “छठा मातृ शक्ति मानसून फेस्ट-2026” को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आयोजन पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विवेक पाराशर, प्रवक्ता शैलेश गुप्ता, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बृजेश पांडे, फुरकान तथा महिला पदाधिकारियों श्वेता केन, आरती जोड़, रूबीना बानो, अनीता रावत और मधु नायक सहित अन्य कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत रखी।

महिला पदाधिकारियों ने विशेष रूप से विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि “मातृ शक्ति” जैसे सम्मानजनक नाम का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक दल के चुनावी प्रचार या मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि नगर निगम चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद 23 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे डी.एल.वी. कॉलेज के खेल मैदान, रामगंज में प्रस्तावित कार्यक्रम के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में विधायक अनिता भदेल की तस्वीरों तथा भाजपा से संबंधित प्रचार सामग्री वाले पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी आयोजन में चुनाव के दौरान मेगा लकी ड्रा, ई-स्कूटी अथवा नकद पुरस्कार जैसे प्रलोभनों का प्रचार किया जा रहा है, तो निर्वाचन आयोग को इसकी तत्काल जांच करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे किसी भी प्रयास से मतदाताओं को प्रभावित किए जाने की आशंका पैदा होती है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि आयोजन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, नरेगा/फेमन मजदूरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा अन्य सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि सरकारी कर्मचारियों और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्मिकों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक आयोजन में किया जाता है, तो यह चुनावी निष्पक्षता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

महिला नेताओं ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है और इसमें सत्ता पक्ष हो या विपक्ष—सभी के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। किसी भी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि को सरकारी मशीनरी, सरकारी कर्मचारियों अथवा किसी प्रकार के प्रलोभन का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि प्रस्तावित “मातृ शक्ति मानसून फेस्ट-2026” की तत्काल जांच कराई जाए, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाए जाने पर आयोजन पर रोक लगाई जाए, कार्यक्रम से संबंधित ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रचार सामग्री की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाए। साथ ही आयोजन स्थल की वीडियोग्राफी करवाकर निर्वाचन आयोग की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव में जीत-हार बाद की बात है, लेकिन लोकतंत्र की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन प्रशासन से बिना किसी राजनीतिक दबाव के नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

दूसरी और विधायक एवं पूर्व महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि प्रस्तावित मेले पर आचार संहिता आढ़े नहीं आ रही है। “मातृ शक्ति मानसून फेस्ट-2026” पहली बार नहीं हो रहा है यह विगत 6 सालों से सावन के महीने में ही नियमित रूप से विशाल स्तर पर होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि मेले का मतलब ही मौज, मस्ती, खेल कूद, प्रतिस्पर्धा,खाना आदि से जुड़ा है ऐसे में प्रलोभन वाली तो कोई बात ही नहीं है। महिलाओ के लिए होने वाले इस मेले को राजनीतिक चश्मे से देखा नहीं जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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