सर्वपितृ अमावस्या के साथ श्राद्ध पक्ष का समापन
जातकों ने किया पितरों का तर्पण, भूतनाथ मंदिर में उमड़ी भीड़
जोधपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। पिछले एक पखवाड़ा से चल रहे श्राद्ध पक्ष का समापन आज सर्वपितृ अमावस्या के साथ हो गया। इस दौरान जातकों ने अपने पितरों का तर्पण् किया।
हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा से अमावस्या तक की अवधि को पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष माना जाता है। इस दौरान प्रत्येक तिथि का अपना अलग महत्व होता है। जिन परिवारों में पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात होती है, वहां उसी तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म किया जाता है। जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि की जानकारी नहीं है, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या को विशेष अवसर माना गया है। अमावस्या तिथि को जिन पूर्वजों का निधन हुआ हो, उनका श्राद्ध भी आज ही किया गया। इस अवसर पर भूतनाथ मंदिर में पूर्वजों के निमित्त तर्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाली सर्वपितृ अमावस्या पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। इस अवसर पर जातकों की ओर से आचार्य पं. अजय हर्ष का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। वहीं, भूतनाथ मंदिर समिति की ओर से तर्पण कार्य के सफल संचालन में सहयोग देने वाले गोविंद किशन बोहरा, अनिल बोहरा, महेश हर्ष, मुकेश चंडक, ब्रजेश व्यास एवं सुनील पुरोहित का सम्मान किया गया। आयोजन में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से तर्पण कर अपने पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

