मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में एक महीने में 21,500 से अधिक आवेदन
जयपुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को प्रदेशभर में अभूतपूर्व उत्साह मिल रहा है। योजना के तहत 22 जनवरी से आवेदन आमंत्रित किए गए थे और मात्र एक माह के भीतर ही करीब 21,500 युवाओं ने आवेदन कर दिया है। यह संख्या निर्धारित लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष में 10 हजार युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि राज्य बजट 2026-27 में 30 हजार युवाओं को योजना से जोड़ने की घोषणा की गई है।
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश ओला ने बताया कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक संबल प्रदान करना है, ताकि प्रदेश में स्वरोजगार आधारित सशक्त ईको-सिस्टम विकसित हो सके। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला महाप्रबंधकों द्वारा आवेदनों की जांच कर उन्हें ऋण स्वीकृति एवं वितरण के लिए बैंकों को अग्रेषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक लगभग 1,500 आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं।
योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। जयपुर जिले में सर्वाधिक 1,358 आवेदन आए हैं, जबकि चूरू से 1,172 और बीकानेर से 1,028 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त झालावाड़ (897), हनुमानगढ़ (891), बाड़मेर (727), दौसा (720), श्रीगंगानगर (709), अजमेर (690), बूंदी (687), जोधपुर (687), सीकर (683), नागौर (674), टोंक (648), करौली (636), बारां (633), झुंझुनू (606), भीलवाड़ा (588), भरतपुर (559), डीडवाना-कुचामन (553), सवाई माधोपुर (528) और अलवर (507) जिलों में भी 500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना के प्रति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक युवा अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से या ई-मित्र केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, आवेदक की फोटो, शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र तथा संस्थागत आवेदन की स्थिति में 51 प्रतिशत से अधिक स्वामित्व संबंधी दस्तावेज अनिवार्य हैं।
योजना के तहत 8वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही अधिकतम 35 हजार रुपये की मार्जिन मनी भी दी जाएगी। वहीं स्नातक, आईटीआई या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए पांच लाख रुपये तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इन श्रेणियों में अधिकतम 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी का प्रावधान भी किया गया है।
प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आवेदन संख्या में आई तेजी से स्पष्ट है कि युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ने के लिए उत्साहित हैं और सरकार की पहल को सकारात्मक रूप से स्वीकार कर रहे हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

