महिलाएं राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी: मुख्यमंत्री

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महिलाएं राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी: मुख्यमंत्री


जयपुर, 13 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान का संकल्प महिलाओं के सक्रिय योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता। राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर महिला स्टार्टअप एंटरप्रेन्योर, रेडियो जॉकी, सरकारी विभागों में कार्यरत महिला अधिकारियों, आरएएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित छात्राओं, लखपति दीदी, समाजसेवी महिलाओं तथा मुख्यमंत्री कार्यालय एवं निवास पर कार्यरत महिला सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से संवाद कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नई नीतियां और योजनाएं लागू कर रही है। लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश में अब तक 16 लाख से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। वहीं सोलर दीदी और बैंक सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक 6 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मा वाउचर योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा 1 लाख 39 हजार स्वयं सहायता समूहों को 679 करोड़ रुपये की आजीविका सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के अंतर्गत 19 लाख से अधिक महिला पेंशनरों को 6 हजार 876 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 27 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह के लिए करीब 101 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। संवाद के दौरान विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए।

ब्यावर की सोनिया वर्मा ने महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। हनुमानगढ़ की मधु राठौड़ ने अपनी सफलता की कहानी साझा की, जबकि डॉ. कृति भारती ने बाल विवाह रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। डीडवाना-कुचामन की बाली देवी ने बताया कि राजीविका के माध्यम से बैंक सखी बनकर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं।

इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं और छात्राओं ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की सराहना की तथा कहा कि सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के क्षेत्र में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

महिला उद्यमियों ने भी बताया कि राजीविका जैसी योजनाओं से उन्हें न केवल आर्थिक मजबूती मिली है बल्कि वे अन्य परिवारों को भी रोजगार देने में सक्षम हुई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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