सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

WhatsApp Channel Join Now
सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री


जयपुर, 04 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़कों के निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि निम्नस्तरीय निर्माण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और अभियंता की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन का दुरुपयोग और अपव्यय किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क अवसंरचना को मजबूत, सुरक्षित और व्यापक बनाने के लिए डबल इंजन सरकार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। साथ ही विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जालौर-झालावाड़, श्रीगंगानगर-कोटपूतली तथा अजमेर-बांसवाड़ा के बीच बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से की योजना पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत ढांचे का विकास राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार है। सरकार की प्राथमिकता भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवागमन को सरल और सुगम बनाना तथा प्रत्येक गांव और कस्बे को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ना है। उन्होंने सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्यों में तेजी लाने और मौजूदा सड़क तंत्र के विस्तार पर विशेष जोर दिया।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, मुख्य जिला सड़कों, अन्य जिला सड़कों और ग्रामीण सड़कों के विकास कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान सरकार के दो वर्ष पांच माह के कार्यकाल में 33,195 करोड़ रुपये व्यय कर 48,748 किलोमीटर लंबाई में सड़क विकास कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें 17,934 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण तथा 1,756 गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ने का कार्य शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में 6,184 किलोमीटर लंबाई की अन्य जिला एवं ग्रामीण सड़कों को मुख्य जिला सड़कों में क्रमोन्नत किया गया है। वहीं, 378 किलोमीटर लंबाई में अटल प्रगति पथों का निर्माण कर 256 गांवों में सड़क संपर्क मजबूत किया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि पूर्ववर्ती सरकार के समान समयावधि के दौरान 13,400 करोड़ रुपये व्यय कर 30,641 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य ही किए गए थे। उस दौरान 4,671 किलोमीटर नई सड़कें बनी थीं तथा केवल 280 गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा गया था।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भरतपुर जिले में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, सड़कों के चौड़ीकरण, खेल सुविधाओं के विकास, पार्कों के उन्नयन तथा ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

Share this story