अत्याधुनिक उपकरण-हथियारों और युद्ध करने के तौर तरीकों से आमजन होंगे रूबरू- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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अत्याधुनिक उपकरण-हथियारों और युद्ध करने के तौर तरीकों से आमजन होंगे रूबरू- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के अन्तर्गत गुरूवार को भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक उपकरणों और हथियारों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी में अत्याधुनिक उपकरणों और युद्ध करने के तौर तरीकों की झलक मिलेगी। आमजन समझेंगे कि कैसे हमारी सेना दिन-रात सुरक्षा में तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि सेना दिवस परेड पहली बार सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर जयपुर में आयोजित हो रही है। इस परेड के माध्यम से नागरिक भारतीय सेना के अनुशासन, शौर्य और बलिदान के साथ-साथ सैन्य शक्ति से रूबरू होंगे।

शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल, हर परिवार का भरोसा और राष्ट्र की आत्मा है। रेगिस्तान से लेकर बर्फीली सियाचीन तक हर मोर्चे पर हमारे जवान मुस्तैद खड़े हैं, ताकि देश के नागरिक सुरक्षित रहेे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से भारतीय सेना ने दिखाया कि वह आक्रामकता का माकूल जवाब देना जानती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की प्रतिबद्धता को देखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए मिशन सुदर्शन चक्र के अन्तर्गत आज हमारा देश किसी भी खतरे का सटीक और शक्तिशाली जवाब देने में सक्षम है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान वीरों की कर्मभूमि और जन्मभूमि है। इस भूमि ने परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह और लेफ्टिनेन्ट जनरल सगत सिंह जैसे पराक्रमी योद्धाओं को जन्म दिया।

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर जाकर अब 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वहीं, इस दौरान भारत का रक्षा निर्यात सर्वकालिक उच्च स्तर पर 23 हजार 622 करोड़ रुपये रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को पेंशन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की, जिससे राज्य के 976 पूर्व सैनिक एवं विधवाएं लाभान्वित हुई। वीरगति प्राप्त सैनिकों के सम्मान में 43 विद्यालयों का नामकरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि बैटल कैजुअल्टी सैनिकों के 7 आश्रितों एवं 23 शौर्य पदक धारकों को कुल 750 बीघा भूमि आवंटित की गई। वहीं, पुलवामा हमले में वीरगति प्राप्त केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 5 कार्मिकों की आश्रित वीरांगनाओं को निवास भी दिए गए है।

शर्मा ने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के पंजीकरण से लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं के लिए नया वेब पोर्टल तैयार किया गया है। भूतपूर्व सैनिकों, आश्रितों एवं वीरांगनाओं की पेंशन संबंधी विसंगतियों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर 418 कैम्पों का आयोजन कर 1 हजार 228 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में संविदा पर नियोजित भूतपूर्व सैनिकों के मानदेय में वर्ष 2024 एवं वर्ष 2025 में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई।

प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए गए विभिन्न आधुनिक हथियार, आर्टिलरीज और सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आधुनिक रायफलें, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली, सेल्फ प्रोपल्ड गन्स, टैंक, बंकर, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन सिस्टम्स सहित विभिन्न अत्याधुनिक सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड फोर्सेज, पैराग्लाइडिंग गतिविधियां, स्काई डाइविंग, डॉग स्क्वॉड सहित अन्य गतिविधियों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। वहीं, सिम्फनी बैंड ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, सैनिक कल्याण राज्य मंत्री विजय सिंह, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, चीफ ऑफ स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल एच.एस. वांदरा, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सैनिक, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में गणमान्य आमजन उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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