मुख्यमंत्री बोले: पक्के इरादे-ठोस नीतियां, आधे समय में ज्यादा काम; प्रति व्यक्ति आय 2 लाख पार

WhatsApp Channel Join Now
मुख्यमंत्री बोले: पक्के इरादे-ठोस नीतियां, आधे समय में ज्यादा काम; प्रति व्यक्ति आय 2 लाख पार


मुख्यमंत्री बोले: पक्के इरादे-ठोस नीतियां, आधे समय में ज्यादा काम; प्रति व्यक्ति आय 2 लाख पार




जयपुर, 27 फरवरी (हि.स.)। भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्षों में पक्के इरादों और ठोस नीतियों के बल पर विकास की नई कार्य संस्कृति स्थापित की है। उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण टकराव का नहीं, बल्कि समाधान और विकास का है तथा नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है और राजस्थान देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से निर्णय लिए जा रहे हैं।

शर्मा ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय पहली बार बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये होने जा रही है, जो वर्ष 2023-24 के 1 लाख 67 हजार 27 रुपये की तुलना में लगभग 21.15 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र में संतुलित प्रगति से यह उपलब्धि संभव हुई है। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में करीब 41 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन दोनों को साथ लेकर चलने वाला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में राज्य की जीएसडीपी 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि जहां पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों में जीएसडीपी में लगभग 6.10 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, वहीं वर्तमान सरकार के दो वर्षों में ही 6.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक वृद्धि का अनुमान है। औसत वृद्धि दर 10.92 प्रतिशत से बढ़कर 12.25 प्रतिशत होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिर मूल्यों पर वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत से बढ़कर 8.7 प्रतिशत हो गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में कुल राजस्व प्राप्तियां 3 लाख 25 हजार 740 करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जो गत वर्ष से 14.08 प्रतिशत अधिक हैं और पूर्व सरकार के अंतिम वर्ष से लगभग 60 प्रतिशत ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 30 हजार 700 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक पूंजीगत व्यय किया गया। वर्ष 2026-27 में आधारभूत संरचना पर 53 हजार 978 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है, जो वर्ष 2023-24 के 26 हजार 646 करोड़ रुपये से दोगुना है। आगामी वर्ष में कुल पूंजीगत व्यय 1 लाख

राजकोषीय घाटे को 3.69 प्रतिशत तक सीमित रखने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के अंतिम वर्ष में यह 4.31 प्रतिशत था। डेब्ट-जीएसडीपी अनुपात 36.8 प्रतिशत प्रस्तावित है, जो पूर्ववर्ती सरकार के औसत 37.83 प्रतिशत से कम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 में कृषि बजट 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये रखा गया है, जो वर्ष 2023-24 के 89 हजार 190 करोड़ रुपये से 34 प्रतिशत अधिक है। पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लगभग 11 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए। उन्होंने बताया कि तारबंदी, फार्मपौंड, लैम्पस गठन और शेडनेट जैसी योजनाओं में पूर्व सरकार की तुलना में अधिक किसानों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना को धरातल पर लाया जा रहा है तथा शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने की दिशा में डीपीआर कार्य अंतिम चरण में है। हरियाणा सरकार से सहमति पत्र प्राप्त हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के समय कई पेयजल और औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणाएं हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हुआ। वर्तमान सरकार इन परियोजनाओं को गति दे रही है।

शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र में 68 हजार 989 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो वर्ष 2023-24 से 35 प्रतिशत अधिक है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा कॉलेज भवन निर्माण, पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापना और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वृद्धि की गई है।स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्ष 2026-27 के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का लगभग 8 प्रतिशत है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के मानकों से अधिक है। दो वर्षों में 14 जिला अस्पताल, 61 उप जिला अस्पताल, 16 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 7 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 16 हजार 579 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो वर्ष 2023-24 से काफी अधिक है। न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ाकर 1300 रुपये की गई है और भुगतान समय पर किया जा रहा है। दो वर्षों में 10 लाख से अधिक नए पेंशनर्स जोड़े गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। विभिन्न क्षेत्रों के लिए 2030, 2035, 2040 और 2047 के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट में कोई अतिरिक्त कर नहीं लगाया गया है। ई-स्टाम्प, ऑनलाइन पंजीयन और जीएसटी अपील की ऑनलाइन सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं से व्यापार सुगमता बढ़ेगी। राज्य की स्वयं की राजस्व प्राप्तियां वर्ष 2026-27 में 1 लाख 91 हजार 103 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 69 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में विकास की मजबूत नींव रखी गई है और सरकार विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

Share this story