विकास को जनआंदोलन बनाने की पहल: मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का शुभारंभ
जयपुर, 19 मार्च (हि.स.)। राजस्थान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में विकास को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान की वेबसाइट और वीडियो का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह अभियान विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक व्यापक और प्रभावी कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए स्थानीय आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान को अधिकतम जनभागीदारी से जोड़ा जाए, ताकि आमजन के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
यह अभियान 19 मार्च से 15 मई तक संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत 20 मार्च को ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में पहली ग्राम सभा और वार्ड सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें अभियान की रूपरेखा से आमजन को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध रूप से विभिन्न स्थानों पर बैठकें आयोजित कर लोगों से सुझाव लिए जाएंगे और उनके आधार पर विकास योजनाओं का मसौदा तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव और शहरी वार्ड का एक समग्र मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और रोजगार जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा। साथ ही हर क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रोफाइल तैयार कर जीआईएस आधारित मैपिंग के माध्यम से साक्ष्य आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाओं में स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और उद्योगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें और शहरों की ओर पलायन को रोका जा सके। कृषि आधारित क्षेत्रों में प्रोसेसिंग यूनिट, मंडी और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब वर्ग के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार द्वारा सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, वहीं लखपति दीदी योजना के तहत लगभग 16 लाख महिलाओं को जोड़ा गया है। इन प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पहली बार दो लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर किसान, युवा और महिलाओं से संवाद स्थापित कर उनके सुझावों को योजनाओं में शामिल किया जाए। साथ ही स्थानीय स्तर पर समूहों का गठन कर जनभागीदारी को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप राजस्थान सरकार भी विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और यह अभियान उस लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी इस अभियान को राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए तैयार किए जाने वाले मास्टर प्लान अल्पकाल, मध्यकाल और दीर्घकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य जिलों से जनप्रतिनिधि और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

