बीड़ा के तो भाग खुल गए!!
उदयपुर, 2 अगस्त (हि.स.)। उदयपुर जिले की झाड़ोल तहसील के छोटे से गांव बीड़ा के तो मानो भाग खुल गए। एक सूबे के मुख्यमंत्री का रात को वहां चौपाल करना, फिर रात वहीं रुकना और तो और सुबह गलियों में लोगों से बतियाते हुए सैर—सपाटा करना फिर सुबह की चाय की चुस्कियां भी बड़े—बुजुर्गों से गप्पे मारते हुए लेना, ऐसा कितने गांवों के भाग में होता है।
वाकई बीड़ा गांव रविवार को उस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जिसकी चर्चा अब वर्षों तक होती रहेगी। गांव के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने यहां रात्रि प्रवास किया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुबह गांव की गलियों में पैदल भ्रमण किया, ग्रामीणों के घरों तक पहुंचे और उनके साथ बैठकर सुबह की चाय भी पी। मुख्यमंत्री को अपने बीच इतने सहज और आत्मीय अंदाज में पाकर ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
रात्रि चौपाल के बाद जब रविवार सुबह मुख्यमंत्री गांव की गलियों में निकले तो महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे अपने घरों से बाहर निकल आए। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट बांटी, उनसे पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बारे में बात की। महिलाओं से राजीविका और वीबी-जी राम जी योजना पर चर्चा की, जबकि किसानों से खेती, प्राकृतिक कृषि और पशुपालन की जानकारी ली। बुजुर्गों से कुशलक्षेम पूछते हुए उन्होंने सरकारी योजनाओं का फीडबैक भी लिया।
ग्रामीणों के साथ चाय पर हुई अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सुनीं। जल निकासी की समस्या सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही नालियों सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए। रात्रि चौपाल में कुएं के निर्माण, सरस डेयरी केंद्र की स्थापना और खेल मैदान की स्वीकृति जैसी घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई शुरू होने से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांवों की समृद्धि ही विकसित राजस्थान और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास चौपाल जनसंवाद के माध्यम से समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बन रही है। उन्होंने बीड़ा के किसानों और पशुपालकों की मेहनत तथा महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि राजीविका जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं।
प्रातः भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव में स्थित श्री आवरा माता मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
भले ही राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री की इस सहजता को आने वाले चुनावों की तैयारी के मद्देनजर देखा जा रहा हो, लेकिन मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और गांव में बिताए गए इस ऐतिहासिक प्रवास को बीड़ा के निवासी लंबे समय तक स्मृतियों में संजोकर रखेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

