सिनेमा ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स: 2025 की बेहतरीन हिंदी फिल्मों को मिला नामांकन

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सिनेमा ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स: 2025 की बेहतरीन हिंदी फिल्मों को मिला नामांकन


जयपुर, 08 अप्रैल (हि.स.)। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (जिफ) एवं न्यू दिल्ली फिल्म फेस्टिवल (एनडीएफएफ) द्वारा प्रस्तुत सिनेमा ऑफ द ईयर (सीटीए) – इंडियन सिनेमा अवॉर्ड्स (आईसीए) 2025 के लिए आधिकारिक नामांकन घोषित कर दिए गए हैं। ये नामांकन वर्ष 2025 में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्मों में से चयनित किए गए हैं। इस प्रतिष्ठित पहल का उद्देश्य हिंदी सिनेमा में उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को पहचान देना और प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित करना है।

आयोजन समिति के अनुसार इस अवॉर्ड का दूसरा चरण दक्षिण भारतीय सिनेमा के लिए अलग से शुरू किया जाएगा। हर वर्ष रिलीज़ होने वाली हिंदी फिल्मों को ध्यान में रखते हुए जिफ और एनडीएफएफ द्वारा इन पुरस्कारों की शुरुआत की गई है। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए ज्यूरी में फिल्म इंडस्ट्री के तीन प्रोफेशनल्स, एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम तथा आयोजन समिति का एक प्रतिनिधि शामिल है।

इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में महावतार नरसिम्हा, धुरंधर, हक, ह्यूमन्स इन द लूप, जुगनुमा – द फैबल, द मेहता बॉयज और मेट्रो… इन डिनो जैसी फिल्मों को नामांकित किया गया है। इसके अलावा निर्देशन, अभिनय, लेखन, संगीत, छायांकन, संपादन और अन्य तकनीकी श्रेणियों में भी देश के प्रमुख कलाकारों और रचनाकारों को स्थान मिला है, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी रोचक हो गई है।

संस्थापक निदेशक हनु रोज ने बताया कि इस वर्ष की नामांकन सूची भारतीय सिनेमा की विविधता, समकालीन विषयों और रचनात्मक प्रयोगों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इन पुरस्कारों के माध्यम से उन फिल्मों और कलाकारों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिन्होंने पूरे वर्ष अपने उत्कृष्ट कार्य से दर्शकों और समीक्षकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।

प्रवक्ता नितिन शर्मा ने बताया कि यह पहल पूरी तरह लोकतांत्रिक, पारदर्शी और उच्च मानकों पर आधारित है, जिसमें किसी भी प्रकार के प्रभाव की कोई गुंजाइश नहीं है। “जैसा काम, वैसा चयन और पुरस्कार” इसकी मूल भावना है।

आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि सीटीए – आईसीए 2025 के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा शीघ्र ही की जाएगी। यह अवॉर्ड हिंदी सिनेमा के रचनात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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