राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में मुख्य सचिव ने ओपीडी,आईपीडी व पंचकर्म सहित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली की ली जानकारी
जयपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय) जयपुर में शनिवार को राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एकदिवसीय दौरा किया। इस दौरान संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने उनका स्वागत किया।
दौरे के दौरान कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने संस्थान में आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने मुख्य सचिव को संस्थान की ओपीडी, आईपीडी, पंचकर्म एवं अन्य चिकित्सकीय विभागों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया तथा रोगियों को प्रदान की जा रही आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के साथ संस्थान द्वारा प्रकाशित जनरल ऑफ आयुर्वेद की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर वर्षों से स्थापित है और जयपुर की आयुर्वेदिक परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। वैद्यों की परंपरा ने आयुर्वेद को एक मजबूत पहचान दी है। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा है कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को राज्य के आयुर्वेद शिक्षा संस्थानों में भी लागू किया जाए। इस विषय में भारत सरकार में आयुष सचिव राजेश कोटेचा से बात की जायेगी।
दौरे के दौरान उन्होंने ओपीडी,आईपीडी और पंचकर्म विभागों का निरीक्षण किया एवं रोगियों से संवाद भी किया। मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अपनाई गई आयुर्वेद की श्रेष्ठ चिकित्सा पद्धतियों को राजस्थान सरकार में लागू करने का प्रयास किया जाएगा। एक दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने संस्थान में कार्यरत सभी विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ चर्चा की और आमजन के हित मे आयुर्वेद के माध्यम से किये जा रहे रिसर्च प्रोजेक्टस की जानकारी ली।इस दौरे के दौरान राजस्थान आयुर्वेद विभाग के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार भी मुख्य सचिव के साथ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने अधिक से अधिक आमजन को आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संस्थान के विस्तार के लिए जयपुर में भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध मुख्य सचिव से किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

