डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर सीबीआई ने की छापेमारी
जयपुर, 25 जून (हि.स.)। डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर शिकंजा कसते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राजस्थान सहित देश के 16 राज्यों में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन चक्र-6’ के तहत गुरुवार सुबह 80 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर देशव्यापी साइबर अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने का अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान चेन्नई और कोलकाता से दो आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ यह अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। अभियान के लिए 60 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने एक साथ विभिन्न राज्यों में दबिश देकर साइबर अपराधियों के नेटवर्क की कड़ियां खंगालीं।
जांच एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से जुड़े 200 से अधिक मामलों की जांच के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित शेल कंपनियों और फर्जी (म्यूल) बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी से अर्जित करीब दो करोड़ रुपए की अवैध रकम को विभिन्न माध्यमों से ठिकाने लगा रहे थे। गिरोह के तार देश के कई राज्यों के साथ विदेशों तक जुड़े होने की आशंका भी जताई गई है।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि साइबर अपराधी अदालतों और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर फर्जी आदेश, नोटिस और दस्तावेज तैयार कर लोगों को कार्रवाई का भय दिखाते थे। इसके जरिए पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर बड़ी रकम ठगी जाती थी।
जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से मिलता-जुलता एक फर्जी डोमेन भी सामने आया। आरोपियों द्वारा इस नकली वेबसाइट का उपयोग कर लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनके खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की शिकायत के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर तकनीकी और फोरेंसिक जांच शुरू की थी। इसी जांच के आधार पर देश और विदेश में फैले नेटवर्क के महत्वपूर्ण लिंक चिन्हित किए गए।
छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, डिजिटल उपकरण, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड तथा अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री की फोरेंसिक जांच जारी है, जिससे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपिताें और वित्तीय लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और साइबर ठगी के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। साथ ही जिन देशों के नागरिकों को इस गिरोह ने निशाना बनाया हो सकता है, वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

