उम्मेद अस्पताल: प्रसूता की हालत स्थिर, जांच कमेटी गठित

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उम्मेद अस्पताल: प्रसूता की हालत स्थिर, जांच कमेटी गठित


जोधपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। उम्मेद अस्पताल में प्रसूता को गलत खून चढ़ाने के मामले में जांच के लिए कमेटी गठित की है। डॉक्टर और नर्सिंग अधिकारियों की कमेटी तीन-चार दिन में रिपोर्ट देगी। वहीं प्रसूता की स्थिति ठीक बताई जा रही है। गलत ब्लड चढ़ाने के बाद तबीयत बिगडऩे पर उसे एमजी अस्पताल रेफर किया गया था जहां किडनी की परेशानी होने पर डायलेसिस करना पड़ा।

उम्मेद अस्पताल अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। गत 11 जुलाई को बावड़ी में धापू भील ने पुत्र को जन्म दिया था। खून की कमी बताकर उन्हें उम्मेद अस्पताल भेजा गया। उसे लेबर रूम में रखा गया था। वहां धापू नाम से एक और महिला थी। दोनों के पति के नाम भी एक ही हैं। इसी गफलत में धापू भील को पहले दिन ओ पॉजिटिव ग्रुप का ब्लड चढ़ाने के बाद दूसरे दिन बी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, किडनी प्रभावित हुई और उन्हें एमजीएच के आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस करना पड़ा। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।

बताया जा रहा है कि लेबर रूम के गायनी डॉक्टर ने लेबर रूम की नर्सों द्वारा ध्यान नहीं देने को लेकर लिखित में अधीक्षक को अवगत कराया। इसके बाद जांच कमेटी का गठन किया गया है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दे कि जोधपुर में इससे पहले जिला अस्पताल में प्रसव के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई थी। जिनमें दो के किडनी प्रभावित होने से उन्हें एम्स रेफर किया गया था। लंबे उपचार के बाद सभी को स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया था। इस मामले के बाद एसओपी की पालना के सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही का दौर जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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