सामाजिक न्याय विभाग में कैडर पुनर्गठन जारी, कोटा में सृजित हो सकता है संस्थापन अधिकारी का पद
जयपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि विभाग में कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि कोटा संभाग में जनसंख्या और कार्यभार को देखते हुए संस्थापन अधिकारी का पद सृजित करने पर विचार किया जा सकता है।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक संदीप शर्मा के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि विभाग में संस्थापन अधिकारी के कुल 10 पद स्वीकृत हैं। पूर्व में निदेशालय स्तर पर छह पद स्वीकृत थे। अधिक जनसंख्या और कार्यभार को देखते हुए जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण के लिए एक-एक पद सृजित किया गया है।
मंत्री ने बताया कि कैडर पुनर्गठन का प्रथम चरण 10 नवंबर 2025 से प्रारंभ किया गया था। सात जनवरी 2026 को वित्त विभाग की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। द्वितीय चरण में स्वीकृत पदों का गैर अनुसूचित एवं अनुसूचित क्षेत्रवार विभाजन कर कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर दिए गए हैं। तृतीय चरण में मंत्रालयिक संवर्ग के तहत गैर अनुसूचित क्षेत्र के 586 तथा अनुसूचित क्षेत्र के 64 स्वीकृत पदों का विभिन्न स्तरों की आवश्यकताओं और बजट मद के अनुसार विभाजन प्रक्रियाधीन है।
मंत्री ने बताया कि कोटा संभाग के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा जिलों में कुल 7,66,903 पेंशन लाभार्थी हैं। वर्ष 2026 के लिए इनमें से 7,18,267 पेंशनर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि 48,636 का वार्षिक सत्यापन शेष है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। लिखित जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि निदेशालय स्तर पर छह पद सृजित किए गए हैं। जयपुर जिले की बड़ी जनसंख्या (शहरी 34.71 लाख और ग्रामीण 31.54 लाख) को देखते हुए जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण कार्यालयों में संस्थापन अधिकारी के पद सृजित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य संभाग स्तरीय संयुक्त निदेशक कार्यालयों में भी आवश्यकता के अनुसार संस्थापन अधिकारी के पद सृजित किए जा सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

