सेवा शिविरों से मौके पर मिल रहा समाधान: पटेल
जोधपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को जोधपुर दौरे के दौरान सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों, सडक़ विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई और पंचायतीराज-निकाय चुनाव सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा।
ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों को लेकर जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार होटलों में नहीं रहती। सरकार के अधिकारी और जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहते हैं, ताकि एक सामान्य परिवार और गरीब आदमी को अपनी शिकायत लेकर जिला, प्रदेश, उपखंड या तहसील स्तर तक नहीं जाना पड़े। सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुने और उनका योग्य समाधान करे, इसी उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविर और शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों में रास्तों के विवाद, राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन, आपसी सहमति से बंटवारे के मामले, आधार कार्ड में सुधार, दस्तावेजों में संशोधन तथा बिजली, पानी और सडक़ से जुड़े छोटे-छोटे मामलों का मौके पर ही समाधान किया जाता है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिविर में आने वाले मामलों का यथासंभव वहीं निस्तारण किया जाए। पटेल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एक भी पात्र व्यक्ति पेंशन, राशन या बिजली कनेक्शन जैसी योजनाओं से वंचित नहीं रहे। लंबे समय से लंबित राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन, रास्तों के अंकन, भाई-भाई के बंटवारे और सीमा विवाद जैसे मामलों का भी शिविरों में समाधान कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को इन शिविरों से राहत मिली है और जनता में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश के बाद किसान बुवाई में जुट गए हैं और उन्हें उम्मीद है कि प्रदेश में अच्छा समय आएगा तथा राजस्थान विकास की नई गति पकड़ेगा।
केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के संसद में दिए गए बयान आप मांगते-मांगते थक जाएंगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया के सवाल पर जोगाराम पटेल ने कहा कि अगर कोई अच्छी बात है और उसकी कॉपी भी हुई है तो उसमें कोई एतराज नहीं होगा, लेकिन अशोक गहलोत जी ने कहा जरूर, किया नहीं। उन्होंने नितिन गडकरी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का सडक़ नेटवर्क ऐतिहासिक रूप से विकसित हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रतिदिन दो-तीन किलोमीटर सडक़ बनती थी, जबकि आज 36 से 40 किलोमीटर प्रतिदिन सडक़ निर्माण हो रहा है। भारतमाला परियोजना, एक्सप्रेस-वे और सीसी सडक़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान को इसका सबसे अधिक लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि गडकरी गुणवत्ता के साथ दीर्घकालिक सडक़ निर्माण के पक्षधर हैं और इसी सोच के कारण सीसी रोड का मॉडल विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं केंद्रीय मंत्री का मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करना उनकी कार्यशैली और गुणवत्ता के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर जोगाराम पटेल ने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सर्वोपरि है। इस मामले में किसी भी प्रकार का तुष्टिकरण स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने तुष्टिकरण की नीति के तहत ऐसे निर्माण होने दिए, जहां संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
उन्होंने कहा कि सीमा से लगे प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध निर्माण स्वीकार्य नहीं है और इस विषय पर राजनीति करना देशहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है और देश के साथ विश्वासघात के समान है। संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई का खुलासा नहीं किए जाने के सवाल पर पटेल ने कहा कि यह आंतरिक और बाहरी सुरक्षा का विषय है, इसलिए इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को भी इस विषय पर बीकानेर में बैठक करनी पड़ी थी, जिससे इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं ऐसे मामलों में समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधियों पर उन्होंने कहा कि वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं और कोई भी सच्चा भारतीय नागरिक राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ खड़ा नहीं होगा।
पंचायतीराज एवं निकाय चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार पहले भी चुनाव कराने के लिए तैयार थी और आज भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव कराना सरकार का नहीं बल्कि राज्य निर्वाचन आयोग का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी परिसीमन, मतदाता सूची और अन्य प्रशासनिक तैयारियां पूरी करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जब भी आवश्यक व्यवस्था मांगेगा, सरकार तत्काल उपलब्ध कराएगी। पटेल ने विश्वास जताया कि राज्य निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

