बोर्ड परीक्षाएं अत्यंत संवेदनशील, संचालन सबका सामूहिक दायित्व

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बोर्ड परीक्षाएं अत्यंत संवेदनशील, संचालन सबका सामूहिक दायित्व


बोर्ड परीक्षाएं अत्यंत संवेदनशील, संचालन सबका सामूहिक दायित्व


राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, वर्ष 2026 की परीक्षाओं के सफल, पारदर्शी एवं सूचितापूर्ण आयोजन के लिए बैठक आयोजित

अजमेर, 9 जनवरी(हि.स.)। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मुख्य परीक्षा–2026 के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बोर्ड ऑडिटोरियम में बोर्ड प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं संदर्भ अधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सम्पूर्ण राज्य से आए शिक्षा एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

बोर्ड प्रशासक एवं संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली वार्षिक परीक्षाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से लगभग 19 लाख 86 हजार विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य का निर्धारण होना है। ऐसे में यह समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि परीक्षा संचालन में पूर्ण निष्ठा, सतर्कता, गोपनीयता एवं निष्पक्षता बरती जाए।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान की गई किसी भी प्रकार की छोटी सी चूक सम्पूर्ण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा सकती है। इसके लिए परीक्षा समाप्ति तक पूरी सजगता आवश्यक है। राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा समय-सारणी के अनुरूप परीक्षा केन्द्रों का चयन अत्यंत सतर्कता के साथ किया जाए। जिन जिलों में परीक्षा संचालन चुनौतीपूर्ण है वहां पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर केन्द्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों का प्रयोग नहीं हो । इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी राष्ट्र एवं राज्य के विकास में सहभागी बनते हुए आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने की भावना से कार्य करें।

बोर्ड सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में माध्यमिक परीक्षा में 10 लाख 68 हजार 78, उच्च माध्यमिक परीक्षा में 9 लाख 9 हजार 87, प्रवेशिका परीक्षा में 7 हजार 811 तथा वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 4 हजार 122 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं एक विशाल महायज्ञ के समान हैं। इसमें प्रत्येक अधिकारी और कार्मिक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रश्न पत्र निर्माण से लेकर परीक्षा केन्द्र तक परिवहन, केन्द्र निर्धारण, प्रश्न पत्रों की सुरक्षा तथा वितरण की प्रत्येक प्रक्रिया में पूर्ण सावधानी और पारदर्शिता आवश्यक है।

बोर्ड सचिव ने बताया कि बोर्ड की माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, प्रवेशिका एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षाएं 12 फरवरी 2026 से प्रारम्भ होंगी। इनका समय प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक रहेगा। परीक्षा समाप्ति के पश्चात उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल शीघ्रातिशीघ्र तैयार कर संबंधित संग्रहण केन्द्रों पर पहुंचाना केन्द्राधीक्षकों की जिम्मेदारी होगी। इन केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की देरी अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों पर केवल अधिकृत वीक्षक एवं परीक्षा से जुड़े कार्मिकों को ही प्रवेश दिया जाए।

विशेषाधिकारी नीतू यादव ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं और इनका सफल संचालन हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारियों की अनुशंसा पर 30 परीक्षा केन्द्र संवेदनशील एवं 20 परीक्षा केन्द्र अति संवेदनशील के रूप में चिन्हित किए गए हैं। इन केन्द्रों सहित सभी परीक्षा केन्द्रों पर शुचिता, पारदर्शिता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्तों, पेपर को-ऑर्डिनेटर एवं माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि नियुक्त अधिकारियों के विरुद्ध कोई जांच या प्रकरण लंबित नहीं हो।

उन्होंने बताया कि संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों, नोडल एवं एकल केन्द्रों, उत्तर पुस्तिका संग्रहण केन्द्रों तथा केन्द्रीय मूल्यांकन केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से वेबकास्टिंग की जाएगी। प्रश्न पत्र जिला मुख्यालय पर पहुंचने से लेकर परीक्षा समाप्ति तक उनकी सुरक्षा एवं गोपनीयता का संपूर्ण दायित्व जिला परीक्षा संचालन समिति का होगा।

मुख्य परीक्षा नियंत्रक राजेश निर्वाण ने कहा कि परीक्षा संचालन की प्रत्येक कड़ी को आपस में समन्वय के साथ पूरा किया जाए। प्रश्न पत्रों के मिलान, परिवहन, परीक्षा कक्ष तक पहुंचाने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी, वीक्षकों का सत्यापन, परीक्षार्थियों के समक्ष उत्तर पुस्तिकाओं का सत्यापन, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता तथा अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, चेतावनी बैनर एवं वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से लागू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा अवधि में नियंत्रण कक्ष का शीघ्र संचालन प्रारम्भ किया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि बोर्ड कार्यालय, जिला मुख्यालय एवं प्रत्येक जिले में केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। बोर्ड स्तर पर नियंत्रण कक्ष परीक्षा प्रारम्भ से पूर्व तथा परीक्षा समाप्ति तक 24 घंटे अवकाश दिवसों सहित कार्यरत रहेगा। किसी भी जिले में स्थानीय अवकाश होने पर भी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम यथावत रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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