राजधानी जयपुर में दो माह के लिए बीएनएसएस धारा 163 लागू

WhatsApp Channel Join Now
राजधानी जयपुर में दो माह के लिए बीएनएसएस धारा 163 लागू


जयपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। राजधानी में कानून-व्यवस्था,लोक-प्रशांति और नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस आयुक्तालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा 163 के तहत सात निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार द्वारा जारी आदेश 1 अगस्त से 29 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने मकान मालिकों और संस्थानों को बिना पहचान पत्र और पुलिस सत्यापन के किसी भी किराएदार, घरेलू नौकर, ड्राइवर, चौकीदार, सेल्समैन या निजी कर्मचारी को रखने पर रोक लगाई है। नियुक्ति या किराए पर रखने के 15 दिन के भीतर संबंधित व्यक्ति का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

शहर के होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और सराय संचालकों को बिना फोटोयुक्त पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता और मोबाइल नंबर ई-विजिटर्स पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा।

रेस्टोरेंट, पब, बार, डिस्कोथेक, नाइट क्लब और फार्म हाउस में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों तथा हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। रात 10 बजे के बाद डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी, जबकि रात 12 बजे के बाद शराब की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

मोबाइल सिम विक्रेताओं को ग्राहकों की वैध पहचान, फोटो और चेहरे का मिलान किए बिना सिम जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक माह बिक्री का रिकॉर्ड पुलिस की निर्धारित ई-मेल आईडी पर भेजना होगा तथा सभी दस्तावेज पांच वर्ष तक सुरक्षित रखने होंगे।

पटाखों जैसी आवाज निकालने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले गैराज संचालकों और मैकेनिकों पर कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग के मानकों के विपरीत फैंसी या डिजाइनदार नंबर प्लेट लगाने पर भी रोक रहेगी। बिना आरसी सत्यापन के नंबर प्लेट तैयार नहीं की जा सकेगी।

पुराने वाहनों के डीलर, एजेंट और कबाड़ी को प्रत्येक वाहन के क्रेता-विक्रेता का पूरा रिकॉर्ड, फोटो तथा फॉर्म-29 और 30 सुरक्षित रखने होंगे। परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना भी अनिवार्य किया गया है।

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के बाद राज्यपाल निवास के पीछे का गार्डन, संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल, मानसरोवर नगर निगम कार्यालय, साइंस पार्क, राजापार्क, छोटी चौपड़, रीको विश्वकर्मा और सीतापुरा सहित आठ संवेदनशील क्षेत्रों में प्रेशर हॉर्न, लाउडस्पीकर, तेज संगीत, पटाखे और भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों को ध्वनि निरोधी व्यवस्था अपनानी होगी।

बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शोरूम, पेट्रोल पंप, मॉल, सिनेमा हॉल, स्कूल, कोचिंग संस्थान, मल्टीस्टोरी सोसायटी और शराब की दुकानों में कम से कम 30 दिन की रिकॉर्डिंग क्षमता वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाना और उन्हें चालू रखना अनिवार्य होगा। पुलिस की मांग पर संबंधित फुटेज तत्काल उपलब्ध करानी होगी।

पुलिस आयुक्तालय का कहना है कि इन आदेशों का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Share this story