सोशल मीडिया पर राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से भ्रामक तस्वीरें और गलत जानकारियां प्रसारित करना सही नहीं: मदन राठौड़

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सोशल मीडिया पर राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से भ्रामक तस्वीरें और गलत जानकारियां प्रसारित करना सही नहीं: मदन राठौड़


जयपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक पाखंड बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद वोट चोरी के आरोपों से घिरी है और अब लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर आंदोलन कर रही है। राठौड़ ने जोधपुर जिले की बिलाड़ा पंचायत समिति के भावी ग्राम पंचायत क्षेत्र में एनएसयूआई नेता सुनील चौधरी पर मतपत्र चोरी कर मतदान केंद्र से बाहर ले जाने और अपने प्रत्याशी के पक्ष में मुहर लगाने के आरोपों का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनील चौधरी गहलोत के नजदीकी हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस ऐसा ही लोकतांत्रिक मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के दुरुपयोग और जनादेश के अपमान से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संविधान के अनुच्छेद 356 का 93 बार इस्तेमाल कर राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। भावी पंचायत का मामला चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से जुड़ा गंभीर विषय है, इसलिए कांग्रेस को इस पर जवाबदेही तय करनी चाहिए।

रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने दावा किया कि प्रदर्शन में भीड़ नहीं जुटी और सामने कुर्सियां खाली रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रयागराज के कुंभ की भीड़ वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर उसे कांग्रेस के प्रदर्शन से जोड़कर दिखाया। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दिल्ली के प्रदर्शन में किन कारणों से और किसके कहने पर किनारे किया गया।

राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक तस्वीरें और गलत जानकारियां प्रसारित करना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी प्रमाणिकता और तथ्यों की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता की चिंता है तो पहले अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर जवाब देना चाहिए। निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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