रिफाइनरी पर गहलोत का बयान भ्रामक,विफलताओं को छिपाने का प्रयास: राठौड़

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रिफाइनरी पर गहलोत का बयान भ्रामक,विफलताओं को छिपाने का प्रयास: राठौड़


जाेधपुर, 12 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रिफाइनरी परियोजना को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उसे भ्रामक और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान अपनी विफलताओं को छिपाने का असफल प्रयास है।

राठौड़ ने कहा कि जिस रिफाइनरी परियोजना की चर्चा आज गहलोत कर रहे हैं, वही उनके कार्यकाल में धीमी गति, अस्पष्ट नीतियों और गलत निर्णयों के कारण वर्षों तक अटकी रही। गहलोत सरकार समय पर स्पष्ट वित्तीय मॉडल तैयार नहीं कर सकी और न ही परियोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकी, जिससे लागत में भारी वृद्धि हुई और राज्य को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के प्रयासों से अब परियोजना गति पकड़ चुकी है और प्रदेश को जल्द इसका लाभ मिलने लगेगा।

राठौड़ ने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा किए गए समझौते में राजस्थान सरकार को 15 वर्षों तक प्रति वर्ष 3,736 करोड़ रुपए बिना ब्याज के संबंधित कंपनी को देने का प्रावधान था, जो राज्य हितों के विपरीत था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस समझौते में व्यापक सुधार करते हुए अनावश्यक वार्षिक भुगतान की शर्तों को समाप्त किया और वित्तीय भार कम किया।

उन्होंने दावा किया कि इन सुधारों से राज्य के लिए करीब 40 हजार करोड़ रुपए की बचत सुनिश्चित हुई है। उन्हाेंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की घोषणा और शिलान्यास तक सीमित कार्यशैली के कारण परियोजना में अनावश्यक देरी हुई। बिना पूर्ण भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के जल्दबाजी में एमओयू किया गया, जिससे निवेशकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में न तो भूमि अधिग्रहण पूरा था और न ही आवश्यक स्वीकृतियां ली गई थीं, जिसके चलते उस समय परियोजना पर ठोस काम शुरू नहीं हो सका।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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