नारी शक्ति बिल नहीं पास होने पर जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ता उतरीं सड़कों पर
जयपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने के मुद्दे को लेकर शनिवार को राजधानी जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतरीं और विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम बताया।
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता पहले पार्टी मुख्यालय पर एकत्र हुईं, जहां से चौमू सर्किल तक मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता तख्तियां लेकर नारे लगाते हुए आगे बढ़ीं। उनका कहना था कि यह विधेयक देश की आधी आबादी को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के हितों के प्रति अपनी नकारात्मक सोच उजागर की है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने कहा कि संसद में इस बिल के खिलाफ मतदान करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के प्रति कभी गंभीर नहीं रहे और केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के मुद्दों का उपयोग करते हैं।
प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद भी पार्टी ने आत्ममंथन नहीं किया और महिला सशक्तिकरण उनके लिए केवल एक नारा बनकर रह गया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सुमन शर्मा ने विपक्ष के रवैये को अहंकार पूर्ण बताते हुए कहा कि सदन में बिल गिरने के बाद राहुल गांधी की प्रतिक्रिया आपत्तिजनक थी। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस व्यवहार को नहीं भूलेंगी। साथ ही विपक्ष की महिला नेताओं प्रियंका गांधी और डिम्पल यादव के रुख को भी निराशाजनक बताया।
प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना ने महिलाओं से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज की आधी आबादी संगठित होती है, तो कोई भी शक्ति उनके अधिकारों को दबा नहीं सकती।
भाजपा नेताओं ने बताया कि 20 अप्रैल को जयपुर में प्रदेशभर से हजारों महिलाएं एकत्रित होकर इस मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन करेंगी। फिलहाल इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

