हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र बनाने का संकल्प, गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित करेगी भाजपा

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हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र बनाने का संकल्प, गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित करेगी भाजपा


हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र बनाने का संकल्प, गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित करेगी भाजपा


जयपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंचायत चुनाव में ग्राम विकास का संकल्प पत्र लेकर जनता के बीच जाएगी। इसके माध्यम से गांवों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण युवाओं को गांव में ही अध्ययन, पुस्तकालय और इंटरनेट की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। भाजपा का लक्ष्य गांवों को विकसित कर ग्रामीणों का जीवन सरल और सहज बनाना है, ताकि रोजगार, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं की तलाश में उन्हें शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़े। शर्मा रविवार को भाजपा के ग्राम विकास संकल्प पत्र के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा जब भी चुनाव में जाती है, विकास का संकल्प पत्र लेकर जनता के सामने अपना विजन रखती है। विधानसभा चुनाव के दौरान जारी संकल्प पत्र के लगभग 78 प्रतिशत कार्य ढाई से पौने तीन साल की अवधि में पूरे किए जा चुके हैं। इसी तरह स्थानीय निकाय चुनावों के समय भी विकास का संकल्प पत्र जारी किया गया था। चुनाव के बाद निकायों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर दीपावली से पहले आवश्यक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही 100 दिन की कार्ययोजना तैयार की गई और प्रत्येक निकाय के लिए पांच साल का विजन डॉक्यूमेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

शर्मा ने कहा कि अब ग्राम विकास के लिए भी इसी दृष्टिकोण के साथ रोडमैप तैयार किया गया है। गांवों की मूलभूत आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाई गई है। गांवों में ऐसी सुविधाएं विकसित करने का प्रयास है, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, चिकित्सा और दूसरी आवश्यकताओं के लिए दूर शहरों में नहीं जाना पड़े। ग्राम सभाओं और चौपालों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और बुजुर्गों से भी स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में सुझाव लेने की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। संकल्प पत्र में गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उपस्वास्थ्य केंद्रों की जरूरत के अनुसार व्यवस्था विकसित करने का रोडमैप तैयार किया गया है, ताकि ग्रामीणों को जांच और उपचार के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने का संकल्प लिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार संबंधी जानकारी के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दिशा में तीन हजार केंद्रों का काम शुरू किया गया है, जिनमें से 650 केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं। इन केंद्रों पर ई-लाइब्रेरी, पुस्तकालय, इंटरनेट और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे युवाओं को सरकारी भर्तियों, आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा संबंधी जानकारी मिल सकेगी। ऑनलाइन कोचिंग और सवालों के समाधान की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

शर्मा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, नाली, बिजली, पेयजल, पार्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय उत्पादों और रोजगार की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान तथा राजस्थान में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' का उल्लेख करते हुए उन्होंने भूजल स्तर सुधारने की आवश्यकता बताई। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 'नमो नर्सरी' विकसित करने की पहल का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र से मिलने वाली छह हजार रुपये की राशि के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी सहायता दी जा रही है। उन्होंने राज्य की सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। शर्मा ने कहा कि घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने के तहत 53 हजार पट्टे दिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल से जल, रसोई गैस और खाद्यान्न जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पशुपालकों के लिए मोबाइल वेटरनरी वैन और डेयरी पर दूध देने वाले पशुपालकों को पांच रुपये प्रति लीटर अनुदान जैसी व्यवस्थाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा का ग्राम विकास संकल्प पत्र गांवों में शहरी क्षेत्रों के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित गांव जरूरी हैं। गांवों में आधारभूत संरचनाओं और सुविधाओं का विकास होने से शहरों की ओर पलायन कम होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' की अवधारणा के अनुरूप स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत चुनावों की तैयारी की है। पार्टी गांवों के विकास के विजन के साथ जनता के बीच जाएगी। राठौड़ ने संकल्प पत्र की घोषणाओं और योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री संजय भाटिया, प्रदेश सह-प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, प्रदेश सह-प्रभारी कुलजीत चहल, प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार सहित पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित थे

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक

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