आदिवासी अलग धर्म कोड की मांग कर कैथोलिक चर्च ऑफ़ रांची का एजेंडा आगे बढ़ा रही कांग्रेस : सांसद रावत
उदयपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड की मांग का कड़ा विरोध किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को उठाकर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है तथा कैथोलिक चर्च ऑफ़ रांची के एजेंडे को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि देश की एकता और सामाजिक समरसता को कमजोर करने वाले ऐसे किसी भी प्रयास को भाजपा कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण और विभाजन की राजनीति करती आई है और अब जनगणना में अलग धर्म कॉलम की मांग उसी राजनीति का हिस्सा है। रावत ने स्पष्ट किया कि जनगणना एक प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, इसे राजनीतिक और धार्मिक एजेंडे का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि पार्टी का मानना है कि ऐसे मुद्दे समाज में अनावश्यक विभाजन और भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत के साथ देश की एकता और अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने कांग्रेस की इस मांग पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को किसी विशेष एजेंडे के तहत प्रभावित करना उचित नहीं है। प्रदेश कार्य समिति सदस्य एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर ने कहा कि कांग्रेस की यह मांग पूरी तरह से राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
भाजपा ने कहा कि वह देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विभाजनकारी राजनीति का पुरजोर विरोध करती रहेगी। यह जानकारी भाजपा मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत ने दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

