बीकानेर में लिग्नाइट गैसीफिकेशन से खुलेंगे औद्योगिक विकास के नए द्वार : मेघवाल
बीकानेर, 21 जून (हि.स.)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर में लिग्नाइट गैसीकरण की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के साकार होने पर क्षेत्र में चीनी मिट्टी तथा उर्वरक उद्योगों का विकास होगा और 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा।
मेघवाल ने बरसिंहसर स्थित ताप विद्युत संयंत्र में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक कर लिग्नाइट गैसीकरण परियोजना की संभावनाओं और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देशभर में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। बीकानेर एवं आसपास के क्षेत्रों में लिग्नाइट के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं, जिससे यहां इस परियोजना की संभावनाएं और अधिक मजबूत होती हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बरसिंहसर क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग छह लाख टन लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से चर्चा की है तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक पत्राचार भी किया गया है।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कंपनी शीघ्र ही अभिरुचि अभिव्यक्ति आमंत्रण जारी कर परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि गैसीकरण से उत्पादित गैस के आधार पर बीकानेर में चीनी मिट्टी और उर्वरक उद्योगों का विस्तार संभव होगा, जिससे क्षेत्र औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन सकेगा।
मेघवाल ने ताप विद्युत संयंत्र, लिग्नाइट खनन तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं की भी समीक्षा की और इनके संचालन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने संयंत्र के आगामी विकास कार्यों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी भी ली।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बीकानेर के लिग्नाइट इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1896 में पलाना गांव में कुआं खोदते समय पहली बार लिग्नाइट की पहचान हुई थी तथा 1898 में यहां भूमिगत खनन प्रारंभ हुआ। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 37,500 करोड़ रुपये की कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना तथा कोयले और लिग्नाइट के मूल्यवर्धित उपयोग को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना बीकानेर जैसे लिग्नाइट समृद्ध क्षेत्रों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
बैठक में एनएलसी के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक एस. विजय कुमार सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे, जबकि चेन्नई से वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सहभागिता की।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

