भीलवाड़ा जिला निकाय चुनाव- निगम में भाजपा का बहुमत, छह नगर पालिकाओं में त्रिशंकु स्थिति
भीलवाड़ा, 14 सितंबर (हि.स.)। भीलवाड़ा जिले में नगर निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति की तस्वीर साफ हो गई है। भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा ने 70 में से 45 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 10 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 15 वार्डों में जीत मिली है। वहीं जिले की 10 नगर पालिकाओं में से शाहपुरा और गंगापुर में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत, जबकि जहाजपुर और मांडलगढ़ में भाजपा बहुमत के साथ सबसे मजबूत स्थिति में है। शेष छह नगर पालिकाओं में परिणाम त्रिशंकु रहे हैं।
नगर निगम और नगर पालिकाओं के वार्ड सदस्य पद के लिए मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हुई। जिला निर्वाचन कार्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले के सभी निकायों के परिणाम घोषित हो चुके हैं।
भीलवाड़ा नगर निगम के कुल 70 वार्डों में भाजपा के 45, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 10 और निर्दलीय के 15 प्रत्याशी विजयी घोषित हुए। निगम में बहुमत के लिए 36 सीटों की जरूरत थी। भाजपा ने बहुमत के आंकड़े से नौ सीट अधिक हासिल की हैं। इस तरह नगर निगम में बोर्ड गठन के लिए भाजपा को किसी अन्य दल या निर्दलीय पार्षद के समर्थन की आवश्यकता नहीं होगी। चुनाव परिणाम में वार्ड नौ से भाजपा प्रत्याशी जसवंत कंवर ने 2165 मतों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज की। वहीं वार्ड सात में निर्दलीय इंदु टांक ने महज छह मतों से जीत हासिल की।
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के सामने चुनाव चिह्न से जुड़ी तकनीकी परेशानी भी रही। पार्टी के 17 प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न का अथॉरिटी लेटर समय पर जमा नहीं होने के कारण वे पार्टी के अधिकृत चुनाव चिह्न पर चुनाव नहीं लड़ सके। इसके चलते कांग्रेस 53 सीटों पर ही अधिकृत प्रत्याशियों के साथ मैदान में रही। अंतिम परिणाम में कांग्रेस को 10 वार्डों में ही जीत मिली। दूसरी ओर 15 निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत ने स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवारों की मजबूत स्थिति को भी सामने रखा।
जिले की सबसे चर्चित नगर पालिकाओं में शामिल शाहपुरा में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। 35 वार्डों वाली शाहपुरा नगर पालिका में कांग्रेस के 22, भाजपा के 8 और निर्दलीय के 5 प्रत्याशी विजयी रहे। 22 सीटों के साथ कांग्रेस ने यहां स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। ऐसे में शाहपुरा नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय है। शाहपुरा में भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बेरवा के विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का यह प्रदर्शन राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
गंगापुर नगर पालिका के 25 वार्डों में कांग्रेस ने 14 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा को नौ और निर्दलीयों को दो सीटें मिली हैं। गंगापुर में कांग्रेस के बहुमत के बाद यहां भी बोर्ड गठन का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा विधायक लादूलाल पितलिया के विधानसभा क्षेत्र में पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर सकी।
जहाजपुर नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा ने 15, कांग्रेस ने तीन और निर्दलीयों ने सात सीटें जीती हैं। भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। जहाजपुर में भाजपा विधायक और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश संयोजक गोपीचंद मीणा के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर के प्रभाव वाले क्षेत्र में भाजपा का यह प्रदर्शन स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
मांडलगढ़ नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा ने 11, कांग्रेस ने दो और निर्दलीयों ने सात सीटें जीती हैं। भाजपा ने यहां भी बहुमत हासिल कर लिया है। इस प्रकार जिले की चार नगर पालिकाओं शाहपुरा, गंगापुर, जहाजपुर और मांडलगढ़कृमें बोर्ड गठन के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है।
जिले की छह नगर पालिकाओं में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। इनमें आसींद, बनेड़ा, बीगोद, बिजौलिया, गुलाबपुरा और हमीरगढ़ शामिल हैं।
आसींद--25 वार्डों में भाजपा को 12, कांग्रेस को आठ और निर्दलीयों को पांच सीटें मिलीं। भाजपा सबसे बड़ा दल है, लेकिन बहुमत से एक सीट दूर है।
बनेड़ा--20 वार्डों में भाजपा ने 10, कांग्रेस ने नौ और निर्दलीय ने एक सीट जीती। यहां भी भाजपा बहुमत से एक सीट दूर है।
बीगोद--कुल 25 वार्डों में भाजपा के 12, कांग्रेस के छह और निर्दलीयों के सात प्रत्याशी विजयी रहे। भाजपा सबसे बड़ा दल है, लेकिन बहुमत के लिए उसे दो और सीटों की जरूरत है।
बिजौलिया--25 वार्डों में भाजपा ने 12, कांग्रेस ने 11 और निर्दलीयों ने दो सीटें जीतीं। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच बेहद करीबी मुकाबला रहा।
गुलाबपुरा--35 वार्डों में भाजपा को 14, कांग्रेस को 10, निर्दलीयों को 10 और आरएलपी को एक सीट मिली। भाजपा सबसे बड़ा दल है, लेकिन बहुमत के लिए उसे चार और सीटों की जरूरत है।
हमीरगढ़--20 वार्डों में भाजपा ने 8, कांग्रेस ने सात और निर्दलीयों ने पांच सीटें जीतीं। यहां किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है।
निकाय चुनाव के परिणाम विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से भी अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। जहाजपुर और मांडलगढ़ में भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि शाहपुरा और गंगापुर में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया। शाहपुरा में भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बेरवा के क्षेत्र में पार्टी बहुमत से दूर रही। गंगापुर में भाजपा विधायक लादूलाल पितलिया भी नगर पालिका में पार्टी को बहुमत नहीं दिला सके। आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला के क्षेत्र की आसींद और गुलाबपुरा नगर पालिकाओं में भी भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सकी।
भाजपा भले ही जिले के कई निकायों में सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई हो, लेकिन छह नगर पालिकाओं में बोर्ड गठन के लिए अब निर्दलीय पार्षद महत्वपूर्ण हो गए हैं। आसींद, बनेड़ा, बीगोद, बिजौलिया, गुलाबपुरा और हमीरगढ़ में बहुमत के लिए दलों को निर्दलीयों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है।
इस तरह भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा की स्पष्ट जीत के साथ जिले की निकाय राजनीति में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। जहां निगम के साथ जहाजपुर और मांडलगढ़ में भाजपा ने बहुमत हासिल किया, वहीं शाहपुरा और गंगापुर में कांग्रेस ने बोर्ड बनाने की स्थिति हासिल की। छह नगर पालिकाओं के त्रिशंकु परिणाम अब स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की जमीन तैयार कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद

