दिल्ली जाने से पहले सावधान! एक नवंबर से राजस्थान की पुरानी गाड़ियों की नो-एंट्री, पीयूसी के बिना नहीं मिलेगा ईंधन
जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों, व्यापारियों और निजी वाहन मालिकों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने नए शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण उपायों की घोषणा की है। इसके तहत एक नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
इस फैसले का असर जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटपूतली-बहरोड़, नीमराणा, सीकर और झुंझुनूं सहित राजस्थान के उन क्षेत्रों से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों पर पड़ सकता है, जो निजी कार, टैक्सी या मालवाहक वाहन से सफर करते हैं। ऐसे में यात्रा से पहले वाहन के उत्सर्जन मानक और प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांचना जरूरी होगा।
नए प्रतिबंध के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं करते। इसमें संबंधित श्रेणी के बीएस-3 और बीएस-4 वाहन भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, वाहन के ईंधन प्रकार, पंजीकरण और लागू छूट के आधार पर नियमों की पुष्टि करना जरूरी है। व्यावसायिक मालवाहक वाहनों पर भी अलग से कड़े नियम लागू हैं। इसलिए राजस्थान से दिल्ली माल लेकर जाने वाले ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों के संचालकों को यात्रा से पहले अपने वाहन की श्रेणी और लागू दिशा-निर्देशों की जांच करनी चाहिए।
दिल्ली सरकार की घोषित व्यवस्था के अनुसार, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बाहरी राज्यों के गैर-बीएस-6 वाहनों पर लगाए गए प्रवेश प्रतिबंध से छूट मिलेगी। एंबुलेंस, अग्निशमन और अन्य अधिसूचित आवश्यक सेवाओं के वाहनों के लिए भी निर्धारित छूट लागू होगी। अन्य वाहन चालकों को अपने वाहन की श्रेणी के अनुसार नियम जांचने चाहिए।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘वैध पीयूसी नहीं, तो ईंधन नहीं’ की व्यवस्था भी लागू की जा रही है। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है।
व्यवस्था की निगरानी के लिए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली सहित तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग या अलवर मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालक अपनी पंजीकरण पुस्तिका में उत्सर्जन मानक की जानकारी जांचें। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की समय-सीमा समाप्त हो गई है तो अधिकृत केंद्र से इसे नवीनीकृत कराएं। मालवाहक वाहन संचालक लागू व्यावसायिक वाहन संबंधी नियमों की अलग से पुष्टि करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

