पानी की टंकी पर चढक़र प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर मधुमक्खियों का हमला

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पानी की टंकी पर चढक़र प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर मधुमक्खियों का हमला


जोधपुर, 20 फरवरी (हि.स.)। जिले में बिलाड़ा उपखंड के लांबा गांव में पिछले लंबे समय से जारी पेयजल संकट ने शुक्रवार को उग्र रूप ले लिया। ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर भावी रोड स्थित टंकी पर चढक़र और मटके फोडक़र भारी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मधुमक्खियों के हमले से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन एक युवती जान जोखिम में डालकर टंकी पर डटी रही। मधुमक्खियों के हमले में घायल दो युवकों को बिलाड़ा के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार दिया गया।

लांबा गांव में पेयजल किल्लत से आक्रोशित ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे ही खाली बर्तन लेकर सडक़ों पर उतर आए और मटके फोडक़र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसी बीच, अपनी मांगों को मनवाने के लिए एक युवती सहित चार युवक गांव के बाहर बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। घटना की सूचना पर तहसीलदार, जलदाय विभाग के अधिकारी, पुलिस और जल जीवन मिशन के ठेकेदार तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान अचानक टंकी पर मधुमक्खियों के तीन छत्तों में से संभवतया कोई एक छत्ता छिड़ गया, जिससे मधुमक्खियों ने टंकी पर चढ़े लोगों पर हमला बोल दिया।

मधुमक्खियों के काटने के कारण चारों युवक आनन-फानन में नीचे उतर आए, लेकिन प्रदर्शनकारी युवती मधुमक्खियों के खतरे के बावजूद अकेले ही टंकी पर डटी रही। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लगभग दोपहर दो बजे तक चली लंबी समझाइश के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।

मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने पेयजल संकट के तकनीकी कारणों का खुलासा किया। अधिकारियों ने बताया कि कापरड़ा से लांबा आने वाली मुख्य पाइपलाइन में अवैध कनेक्शनों की भरमार है, जिसके कारण गांव तक पानी का पर्याप्त दबाव नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग ने एक सप्ताह के भीतर पाइपलाइन पर किए गए सभी अवैध कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई के तुरंत बाद गांव में सुचारू रूप से पानी पहुंचा दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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