मकान पर बने मधुमक्खियों के छत्ते को हटाया, परिवार ने ली राहत की सांस
चित्तौड़गढ़, 29 मार्च (हि.स.)। जिले में पिछले एक सप्ताह से मधुमक्खियों के हमलों ने दहशत का माहौल बना रखा है। पारसोली गांव में हाल ही में हुए हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में भय व्याप्त है। इसी बीच शुक्रवार को एक और हमले की घटना सामने आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई। हालांकि, इस बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। चित्तौड़गढ़ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति की टीम लगातार सक्रिय रहते हुए लोगों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रयासरत है।
वन्य जीव प्रेमी मनीष तिवारी ने बताया कि शहर के निकट बोजुंदा गांव में रंजना भटनागर के घर पर जंगली मधुमक्खियों का एक विशाल छत्ता पाया गया। इससे आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर समिति की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची।रेस्क्यू टीम के सदस्य पीयूष कांबले, मुबारिक खान और राम कुमार साहू ने पूरी सावधानी और दक्षता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम ने बिना किसी नुकसान के मधुमक्खियों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उनके प्राकृतिक आवास में स्थानांतरित कर दिया। समिति के अनुसार मधुमक्खियां पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।लेकिन ऐसे मामलों में विशेषज्ञों द्वारा समय पर रेस्क्यू किया जाना आवश्यक है, जिससे जनहानि और पर्यावरणीय नुकसान दोनों से बचा जा सके। मनीष तिवारी ने बताया कि इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन से यह स्पष्ट हुआ है कि सतर्कता और प्रशिक्षित टीम के सहयोग से संभावित खतरों को टाला जा सकता है। प्रशासन और समिति ने आमजन से अपील की है कि मधुमक्खियों के छत्ते दिखाई देने पर स्वयं किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें तथा तुरंत संबंधित विशेषज्ञ टीम को सूचना दे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

