बांडी सणधरा बांध की भराव क्षमता 1085 एमसीएफटी, 16 गांवों को मिल रहा सिंचाई जल

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बांडी सणधरा बांध की भराव क्षमता 1085 एमसीएफटी, 16 गांवों को मिल रहा सिंचाई जल


जयपुर, 05 मार्च (हि.स.)। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र में बांडी नदी पर बने बांडी सणधरा बांध की कुल भराव क्षमता 1085 एमसीएफटी है तथा इससे 6922 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। इस बांध से भीनमाल और जसवंतपुरा तहसील के 16 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है।

शून्यकाल में सदस्य समरजीत सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि बांध के पूर्ण भराव होने के बाद अतिरिक्त पानी स्वयं ही ऊपर से बहकर नीचे की ओर नदी में प्रवाहित हो जाता है। इससे नदी क्षेत्र के आसपास स्थित कुओं के जल स्तर को बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि बांध के पानी के उपयोग को लेकर हर वर्ष मानसून के बाद जल वितरण समिति की बैठक में निर्णय किया जाता है। वर्ष 2022 और 2023 की बैठकों में लिए गए निर्णय के अनुसार बांध के पानी का 33 प्रतिशत भाग नदी में प्रवाहित किया गया था। वर्तमान में नहरों के जीर्णोद्धार का कार्य भी जारी है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि बांध की भराव क्षमता का उपयोग कमांड क्षेत्र में सिंचाई के लिए निर्धारित होने के कारण बांध में द्वार बनाकर नदी में पानी छोड़ने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि बांध के निर्माण के समय बनाई गई रूपरेखा में भी ऐसे किसी द्वार का प्रावधान नहीं रखा गया था।

सदस्य द्वारा सिंचाई के लिए पानी का उपयोग नहीं होने की बात उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर परीक्षण कराया जाएगा।

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि यदि गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और गलत सूचना प्रस्तुत की जा रही है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने मानसून समाप्त होने के बाद बांध में उपलब्ध पानी की मात्रा की जानकारी भी दी। उनके अनुसार वर्ष 2007 में 372 एमसीएफटी, वर्ष 2008 में 353 एमसीएफटी, वर्ष 2010 में 570 एमसीएफटी, वर्ष 2011 में 626 एमसीएफटी, वर्ष 2015 में 884 एमसीएफटी (ऊपर से बहाव), वर्ष 2017 में 916 एमसीएफटी (ऊपर से बहाव) और वर्ष 2023 में 889 एमसीएफटी (ऊपर से बहाव) पानी मापा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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