आयुर्वेद विश्वविद्यालय : पीआरपी यूनिट का शुभारंभ, बाल झडऩे के उपचार में नई आशा व उम्मीद

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आयुर्वेद विश्वविद्यालय : पीआरपी यूनिट का शुभारंभ, बाल झडऩे के उपचार में नई आशा व उम्मीद


जोधपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के द्वारा पीआरपी (प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा) थेरेपी यूनिट का शुभारंभ किया गया। यह यूनिट पीजी विभाग-अगदतंत्र के अंतर्गत संचालित होगी।

उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने इस पहल को विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पीआरपी चिकित्सा, आयुर्वेद में वर्णित प्रच्छान कर्म का एक उन्नत एवं वैज्ञानिक रूप है। इसमें रोगी के ही रक्त से प्राप्त प्लेटलेट्स को संकेंद्रित कर उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है, जिससे शरीर की स्वाभाविक पुनरुत्पादन क्षमता सक्रिय होती है।

यह पद्धति विशेष रूप से बाल झडऩे (खालित्य) जैसी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जोधपुर एवं आसपास के क्षेत्र के रोगियों को अब इसका आधुनिक, सुरक्षित और आयुर्वैदिक समन्वित उपचार यहीं उपलब्ध होगा। कुलगुरु ने आगे बताया कि पीआरपी थेरेपी में शरीर के भीतर किसी बाहरी रसायन का प्रयोग न कर, रोगी के ही प्लेटलेट्स से ऊतक पुनर्जीवन (टिश्यू रिजनरेशन ) को बढ़ावा दिया जाता है।

यह न केवल बालों की जड़ों को मजबूत करता है, बल्कि स्कैल्प में रक्तसंचार में सुधार लाकर प्राकृतिक हेयर ग्रोथ को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से यह विश्वविद्यालय आज नए शोध, बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं और रोगी कल्याण के क्षेत्र में नई दिशा स्थापित कर रहा है। पीआरपी यूनिट प्रभारी प्रोफेसर रितु कपूर ने बताया कि यूनिट के शुभारंभ के पहले ही दिन 10 रोगियों की सफलतापूर्वक थेरेपी की गई।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यूनिट में शोधपरक कार्य तथा क्लिनिकल स्टडीज़ भी प्रारंभ की जाएंगी। इस अवसर पर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद के प्राचार्य प्रोफेसर चंदन सिंह, हॉस्पिटल अधीक्षक प्रोफेसर गोविंद गुप्ता, उपकुलसचिव डॉ. मनोज कुमार अदलखा, पीएचडी डीन प्रोफेसर देवेंद्र सिंह चाहर, मीडिया प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश चंद शर्मा, प्रोफेसर हरीश सिंगल, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अनिता राजपुरोहित, डॉ. अरुणा तिवारी सहित स्नातकोत्तर विद्यार्थी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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