आयुर्वेद के साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धति का ज्ञान भी जरूरी: डॉ. शर्मा
जोधपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (पीजीआईए) में गुरुवार को संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता एवं निर्देशन तथा आयुर्वेद विभाग अजमेर के निदेशक डॉ आनंद शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम महाविद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आनंद कुमार शर्मा के सान्निध्य में संकाय सदस्यों एवं स्नातक तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ संवाद किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु ने कहा कि आयुर्वेद के विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध परंपरा एवं शास्त्रीय ज्ञान के साथ आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आत्मसात करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन एवं व्यावहारिक ज्ञान के माध्यम से आयुर्वेद की सेवा के लिए प्रेरित किया।
डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को आयुर्वेद के शास्त्रीय ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धति एवं अनुसंधान के नवीन आयामों की जानकारी भी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन, अनुशासन और व्यावहारिक ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थी अपने ज्ञान एवं कौशल को विकसित कर आयुर्वेद के क्षेत्र में बेहतर योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने विभिन्न अकादमिक एवं विभागीय विषयों पर संवाद किया तथा अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

