विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, 1097 हेल्पलाइन और नाको ऐप से मिलेगी जानकारी

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विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, 1097 हेल्पलाइन और नाको ऐप से मिलेगी जानकारी


जयपुर, 1 दिसंबर (हि.स.)। राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (हिस्पा) स्थित भगवत सिंह मेहता सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित रेड रिबन क्लब के सदस्य, सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं, कार्मिकों, स्वयंसेवी संगठनों व रेड रिबन क्लबों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर ने सभी को विश्व एड्स दिवस की थीम “ओवरकमिंग डिसरप्शन, ट्रांसफॉर्मिंग द एड्स रिस्पॉन्स” के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है और एचआईवी व एड्स से प्रभावित लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। समाज के सभी वर्गों को मिलकर इनके अधिकारों की रक्षा करनी होगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे लोगों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकारी योजनाओं के माध्यम से जांच, दवा और उपचार की सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं, जिससे राज्य में एचआईवी/एड्स से होने वाली मृत्यु दर में कमी आई है और नए संक्रमणों को रोकने में भी सफलता मिली है। गर्भवती महिलाओं की जांच का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।

एड्स निदेशक ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 1097 राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर 24 घंटे, 15 भाषाओं में गोपनीय रूप से परामर्श एवं जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जा सकता है। गूगल प्ले स्टोर से नाको (NACO) ऐप डाउनलोड कर तथा फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया माध्यमों से भी एचआईवी/एड्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सकती है।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे एचआईवी/एड्स से जुड़े मिथकों और भेदभाव को दूर करने के लिए समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी को एड्स मुक्त रखा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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