पांच हजार से अधिक आबादी वाले 192 गांवों में बनेंगे अटल प्रगति पथ, सरकार ने मंजूर किए 381.91 करोड़

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पांच हजार से अधिक आबादी वाले 192 गांवों में बनेंगे अटल प्रगति पथ, सरकार ने मंजूर किए 381.91 करोड़


जयपुर, 12 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 5 हजार से अधिक आबादी वाले शेष 192 गांवों में अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए 381.91 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इसके तहत 28 जिलों के इन गांवों और आबादी क्षेत्रों में करीब 286 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का काम किया जाएगा।

नई सड़कों के बनने से गांवों और ढाणियों से मुख्य मार्ग, बाजार, स्कूल, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान के प्रत्येक गांव और आबादी क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधा है।

अटल प्रगति पथ बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन का समय और परिवहन लागत कम होगी तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार के अनुसार मजबूत सड़क नेटवर्क का सीधा लाभ किसानों, विद्यार्थियों, श्रमिकों, व्यापारियों और आमजन को मिलेगा। गांवों से मुख्य मार्गों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी।

स्वीकृत कार्यों में अजमेर जिले के टांटोटी, घूघरा, गनाहेड़ा, गगवाना, बिड़क्चियावास और देराठू शामिल हैं। इन गांवों में अटल प्रगति पथ बनने से ग्रामीण आबादी को मुख्य सड़कों से बेहतर संपर्क मिलेगा। इसी तरह अलवर के गारू, हरसाना, गढ़ी सवाईराम, बालेटा, पृथ्वीपुरा और तुलेड़ा; बालोतरा के ईटवाया, कनाना, पारलू और कल्याणपुर; बांसवाड़ा के अरथूना और खोड़न; बारां के देवरी, कस्बाथाला और पलायथा; बाड़मेर के बुरान का तला; भरतपुर के सरसैना, छौंकरवाड़ा कलां और ब्रह्मवाद; भीलवाड़ा के सहाड़ा और पारोली तथा चित्तौड़गढ़ के भोपालसागर में भी सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य होंगे।

चूरू जिले के जोगलिया, ईंयारा, शोभासर, जोगलसर, लालगढ़, कानूता और बांय; दौसा के उदयपुरिया, आलूदा और टोरड़ा; डीग के सांवलसेर, गुनसारा, रारह और अवार; डीडवाना-कुचामन के भकरी, कोलिया और घाटवा तथा डूंगरपुर के पाडवा और ओबरी को भी योजना में शामिल किया गया है। हनुमानगढ़ के 14 गांवों में भी अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे।

जयपुर जिले में भैसावा, हाथोज, हिंगोनिया, पचार, बेगस, राड़ावास, अमरसर, धानौता, बिशनगढ़, बिचून, जैतपुरा, चीथवाड़ी, अनंतपुरा, सिंगोद कलां और किशनमानपुरा में सड़क निर्माण प्रस्तावित है। वहीं जालोर जिले में धानसा, जुंजाणी, पुनासा, दासपा, सेवड़ी, मोदरा, नरसाणा, तवाव, नांदिया, धानोल, दातवाड़ा, पावली, जसवंतपुरा, चौरा, रेवतड़ा, पांथेडी, ऐलाना, तिलोड़ा, दादाल, बाकरा, सांगाणा, केशवणा, कोमता, चौराऊ, बालवाड़ा, भैसवाड़ा, रायथल और गुड़ाबालोतान सहित कई गांवों में अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे।

झुंझुनूं जिले के 22 गांवों तथा जोधपुर जिले के हरियाढ़ाणा, पिचियाक, रियां, भटिंडा, पलासनी, बिसलपुर, गंगाणी, सोयला, नाड़सर, गजसिंहपुरा, रतकुड़िया, धुंधाड़ा, गुड़ा विश्नोइयान, फिंच, नंदवान, झंवर, बोरानाडा और डोली में भी सड़क कार्य किए जाएंगे।

करौली जिले के झारेड़ा, गढ़मोरा, जहानगर मोरड़ा, नादौती, नांगल शेरपुर, शहर, कैमला और सोप; खैरथल-तिजारा के बाघोर; कोटपूतली-बहरोड़ के हाथीपुरा, चतरपुरा, बनेठी, सरूंड, भौनावास, भैंसलाना और कारोली तथा पाली के नारलाई, बिसलपुर, धानला, अटबड़ा, बांकली, दुजाना, खैरवा और गुंदोज में भी सड़कें बनाई जाएंगी।

फलोदी के रायमलावाड़ा और जाखण, राजसमंद के कुरज और गिलूंड, सवाई माधोपुर के सूरवाल, खिलचीपुर और कुंडेरा, सीकर के थोई, रेवासा, बाय, मंडा, कोछोर, गुहाला, जिलो, चला, गांवड़ी, गणेश्वर, रायपुर पाटन और बठोठ तथा टोंक के नगर, थांवला, नगरफोर्ट, सोप और आवां में भी अटल प्रगति पथ का निर्माण होगा।

सरकार का दावा है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद संबंधित गांवों में सड़क सुविधा बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों को आसपास के कस्बों, शहरों तथा प्रमुख मार्गों से सुगम संपर्क मिलेगा। इससे ग्रामीण विकास को गति मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच भी आसान होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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