बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चिंतित, केंद्र सरकार पर कूटनीतिक विफलता का आरोप
जयपुर, 6 जनवरी (हि.स.)। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आ रही खबरें बेहद विचलित करने वाली हैं। महज 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या और महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जिस देश के निर्माण में भारत की निर्णायक भूमिका रही, वही आज भारत के खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है। इसे उन्होंने भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता बताया।
अशोक गहलोत ने अपने बयान में वर्ष 1971 का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं, जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ कूटनीतिक दृढ़ता दिखाई, बल्कि अपनी इच्छाशक्ति से इतिहास और भूगोल दोनों बदल दिए। उन्होंने कहा कि उस समय अमेरिका जैसी महाशक्ति की भी परवाह नहीं की गई थी, जिसने भारत के खिलाफ अपना सातवां बेड़ा रवाना कर दिया था।
गहलोत ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह केवल “गहरी चिंता” व्यक्त करने जैसे औपचारिक बयानों तक सीमित न रहे, बल्कि ठोस और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन, सुरक्षा और मान-सम्मान की रक्षा करना भारत की नैतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि खोखले नारों से नहीं, बल्कि निर्णायक नेतृत्व से ही निर्दोषों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव बनाएं, ताकि वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार रोके जा सकें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

