आर्मी डे परेड: 15 जनवरी को जयपुर बनेगा सैन्य शक्ति का मंच
जयपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। आगामी 15 जनवरी 2026 को जयपुर में होने वाली आर्मी डे परेड को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सेना की ओर से महल रोड जगतपुरा क्षेत्र में लगातार रिहर्सल की जा रही है। रिहर्सल के दौरान सेना की आधुनिक युद्ध क्षमताओं का व्यापक प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसमें मार्च-पास्ट, टैंक, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और अत्याधुनिक सैन्य उपकरण शामिल हैं। साथ ही हेलिकॉप्टरों की फ्लाई-पास्ट का भी अभ्यास किया गया। इस रिहर्सल के दौरान सैन्य सुरक्षा बलों की टुकड़ियां फ्लैग मार्च करती नजर आईं। इस दौरान नेपाल आर्मी बैंड की सहभागिता ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर महल रोड और आसपास के इलाकों में यातायात नियंत्रण व्यवस्था पहले ही लागू कर दी गई है।
यह पहली बार होगा जब जयपुर में आर्मी डे परेड सैन्य छावनी क्षेत्र से बाहर आयोजित की जा रही है। 15 जनवरी को मुख्य परेड महल रोड, जगतपुरा पर होगी। इससे पहले 9, 11 और 13 जनवरी को रिहर्सल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिन्हें आम नागरिक भी देख सकेंगे। अनुमान है कि प्रत्येक रिहर्सल और मुख्य आयोजन में करीब डेढ़ लाख दर्शक शामिल होंगे।
आर्मी डे के अवसर पर 15 जनवरी की शाम एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इसका पूर्वाभ्यास 10 जनवरी को होगा। इस कार्यक्रम में फर्स्ट डे कवर का विमोचन, शहीदों के परिजनों का सम्मान, पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित लाइट एंड साउंड शो प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक हजार ड्रोन का विशेष शो रहेगा।
आयोजन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी जयपुर में मौजूद रहेंगे। परेड के दौरान लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, टैंक, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और सैन्य टुकड़ियों की शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। नेपाल आर्मी बैंड की सहभागिता से कार्यक्रम को विशेष अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 1 जनवरी से महल रोड पर नियमित अभ्यास शुरू कर दिया गया है। प्रारंभिक चरण में एनसीसी कैडेट्स ने परेड अभ्यास में भाग लिया। सेना के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
सेना अधिकारियों के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव को और मजबूत करना है। ताकि लोग भारतीय सेना की ताकत,अनुशासन और तकनीकी क्षमताओं को करीब से देख सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

