धर्मांतरण विरोधी विधेयक सनातन संस्कृति की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : डॉ. पूनियां

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धर्मांतरण विरोधी विधेयक सनातन संस्कृति की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : डॉ. पूनियां


जयपुर, 3 फरवरी (हि.स.)। ‘राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025’ को विधानसभा में पेश किए जाने पर भाजपा हरियाणा प्रभारी डॉ. सतीश पूनियां ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने इसे राजस्थान की सनातन संस्कृति और मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. पूनियां ने कहा कि पिछले दो दशकों से इस तरह के कानून की मांग की जा रही थी। उन्होंने याद दिलाया कि पंद्रहवीं विधानसभा के आखिरी सत्र में, जब वे भाजपा राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष और आमेर से विधायक थे, उन्होंने ‘राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2023’ नामक एक गैर-सरकारी विधेयक पेश किया था। लेकिन, कांग्रेस सरकार के शासन में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे संविधान के अनुच्छेद 25 के विरुद्ध बताते हुए खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा की मतांतरण पर हमेशा स्पष्ट नीति रही है कि हर व्यक्ति को धर्म चुनने और उसका पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन बलपूर्वक धर्मांतरण अस्वीकार्य है। डॉ. पूनियां ने कांग्रेस सरकारों पर तुष्टिकरण और पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कभी गंभीरता से विचार नहीं किया।

पूनियां ने भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि अवैध धर्मांतरण रोकने और कड़ी सजा के प्रावधान वाले इस विधेयक को विधानसभा में पेश करना एक बड़ी सकारात्मक पहल है। इससे राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूती के साथ संरक्षित किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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