मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सिकल सेल पर ‘सटीक प्रहार’
जयपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार जनजातीय अंचलों में सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के नियंत्रण और रोकथाम के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सरकार का फोकस केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि स्क्रीनिंग से लेकर समयबद्ध उपचार, नियमित फॉलोअप, टीकाकरण, काउंसलिंग और जागरूकता तक एक समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर है। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अनुरूप राज्य के जनजातीय बहुल जिलों में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाकर इस बीमारी के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अनुरूप राजस्थान सरकार का लक्ष्य सिकल सेल एनीमिया से लड़ने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र तैयार कर आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी के दुष्प्रभाव से बचाना है। प्रदेश में चल रहा यह अभियान ‘स्वस्थ जनजातीय समाज-स्वस्थ राजस्थान’ की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहा है।
राज्य सरकार सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ लड़ाई को दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचाकर बीमारी की शुरुआती पहचान को प्राथमिकता दे रही है। राजस्थान ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में जनजातीय अंचलों की करीब 37.50 लाख आबादी की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के मुकाबले प्रदेश में 37.02 लाख लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर 98.72 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्क्रीनिंग के इस व्यापक अभियान के तहत उदयपुर में 11 लाख 12 हजार 590, बांसवाड़ा में 10 लाख 39 हजार 295, डूंगरपुर में 8 लाख 02 हजार 150, प्रतापगढ़ में 4 लाख 26 हजार 012, सिरोही में 1 लाख 63 हजार 910, बारां में 90 हजार 191, पाली में 41 हजार 216, चित्तौड़गढ़ में 13 हजार 357 तथा राजसमंद में 13 हजार 073 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
राज्य सरकार की रणनीति है कि सिकल सेल एनीमिया को केवल एक बीमारी के रूप में देखने के बजाय इसको जड़ से खत्म करने का प्रयास हो और भावी पीढ़ी को पूरी तरह सुरक्षा मिले। इसी दिशा में सामूहिक स्क्रीनिंग शिविरों के साथ प्रसव-पूर्व जांच और पारिवारिक स्क्रीनिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्कूलों और समुदायों में जागरूकता गतिविधियों तथा सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से लोगों को बीमारी, उसके लक्षणों, जांच और बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्क्रीनिंग में चिन्हित लोगों को आगे की जांच, उपचार और आवश्यक परामर्श से जोड़कर ‘पहचान से उपचार’ तक की पूरी कड़ी को मजबूत किया जा रहा है।
जनजातीय अंचलों में सिकल सेल एनीमिया के उपचार एवं प्रबंधन को नई मजबूती देने के लिए उदयपुर स्थित सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां सिकल सेल रोगियों को नियमित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इस केंद्र को ‘सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज’ का दर्जा दिया गया है। केंद्र में नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग, निदान, व्यापक देखभाल, टीकाकरण, प्रशिक्षण, जागरूकता, फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जैसी सेवाओं को एक ही तंत्र में उपलब्ध कराया जा रहा है।
उदयपुर के सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस की प्रभावशीलता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अब तक यहां 6,160 ओपीडी और 306 आईपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं तथा 589 सिकल सेल रोगियों और 3,000 सिकल सेल वाहकों की पहचान हुई है। इस केंद्र द्वारा 32 हजार नवजात की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 621 नवजात पॉजिटिव पाए गए। इसी प्रकार 8 हजार 500 गर्भवती महिलाओं की एएनसी स्क्रीनिंग में 500 पॉजिटिव मामलों की पहचान की गई। स्वास्थ्य तंत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए 1,107 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि सिकल सेल रोगियों, उनके परिवारों और नवजात स्क्रीनिंग से जुड़े मामलों में 5,893 काउंसलिंग की जा चुकी हैं। रोगियों को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 453 सिकल सेल रोगियों का टीकाकरण किया गया है और जरूरतमंदों को 160 दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं।
सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ राज्य सरकार ने जागरूकता, स्क्रीनिंग और प्रबंधन की त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई है। एक ओर जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर संभावित मरीजों की पहचान के लिए व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है। चिन्हित मरीजों के लिए हाइड्रोक्सीयूरिया थेरेपी, टीकाकरण, परामर्श और फॉलोअप देखभाल को मजबूत किया जा रहा है। चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों को प्रशिक्षण देकर स्वास्थ्य विभाग की क्षमता में भी लगातार वृद्धि की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

